मुंशीगंज। 22 साल पहले हुई मारपीट के मामले में सचल न्यायालय के जज नीरज यादव ने नामजद चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इस दौरान नौ अन्य मुकदमों का भी निस्तारण किया गया।
भेंटुआ रामापुर पीपरपुर पंचायत भवन में बृहस्पतिवार को ग्राम सचल न्यायालय में 10 मुकदमों की सुनवाई की गई। अमेठी के अहरावल गांव निवासी श्रीराम की गांव के राकेश, राजेश, सुरेश, रमेश से जमीन के विवाद को लेकर 2004 में मारपीट हो गई थी। इस मामले में श्रीराम ने मुकदमा दर्ज कराया था। जज ने सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया। 2014 में भेंटुआ के पिंडोरिया गांव के जगतपाल पाल का भाई मोहन और संतोष से जमीन के बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ था।
ग्राम सचल न्यायालय में इस वाद का भी निस्तारण कर आरोपियों काे दोषमुक्त कर दिया। लौकापुर गांव निवासी चंद्रावती ने पारिवारिक विवाद में धनाऊ और किरन पर मारपीट का आरोप लगाया था। इस मामले में भी आरोपी दोष मुक्त कर दिए गए। हथकिला गांव निवासी कुलवंती ने पड़ोसी रामदास, हजारी, श्रीराम और कल्लू पर बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर मारपीट का मुकदमा किया था। जज ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए आरोपियों पर 800 रुपये का जुर्माना लगाया साथ ही 1200 रुपये प्रतिकार का खर्च का भी आदेश दिया।