अमेठी सिटी। फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने समेत अन्य आरोपों से जुड़े प्रकरण में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर भाव्या श्रीवास्तव की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी और व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देकर जमानतनामा स्वीकार करने संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलीलें रखीं, मगर अदालत ने आरोपी की अनुपस्थिति और प्रक्रिया के पालन में लापरवाही का उल्लेख करते हुए दोनों प्रार्थना पत्र गैर पोषणीय मान लिए। आदेश के बाद उनके विरुद्ध लंबित कार्यवाही आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अमेठी निवासी परिवादी घनश्याम सोनी ने तत्कालीन अध्यक्ष चंद्रमा देवी और सगे भाइयों लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी व संगम लाल सोनी पर अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से कूटरचित प्रमाणपत्र तैयार करने का आरोप लगाया था।
प्रकरण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन है। आरोपी चंद्रमा देवी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, मगर स्थायी राहत नहीं मिली। ट्रायल कोर्ट ने भी पूर्व में लंबित कार्यवाही रोकने संबंधी प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर दिया था। जमानत अर्जी पर कई तिथियों से बहस लंबित थी। अदालत ने अंतिम अवसर प्रदान करने के बाद निर्णय सुनाया। दूसरी ओर सह आरोपी चारों भाइयों की ओर से दायर उन्मोचन प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है। उनके विरुद्ध कार्यवाही उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में फिलहाल स्थगित है।