अमेठी सिटी। कोहरे का कहर ट्रेनों की रफ्तार पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में ट्रेन का सफर यात्रियों के लिए समस्या बन गई है। सुबह की ट्रेन शाम को और रात की ट्रेन सुबह पहुंच रही है। इसके अतिरिक्त ट्रेनों का निरस्तीकरण परेशानी बढ़ा रहा है। बृहस्पतिवार को 20 ट्रेनें लेट चलीं। ठंड में ट्रेन की प्रतीक्षा करना यात्रियों के लिए किसी मुश्किल से कम नहीं है। लखनऊ-वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ से मुंबई के बीच चलने वाली उद्योग नगरी रात में 2:33 बजे अपने निर्धारित समय से चार घंटा विलंब से 6:58 बजे अमेठी पहुंची। ऐसे में कोहरे व ठंड के बीच ट्रेन की यात्रा करने पहुंचे लोगों को प्लेटफार्म पर प्रतीक्षा करनी पड़ी।
जम्मूतवी-राजेंद्रनगर के बीच संचालित अर्चना एक्सप्रेस तो सात घंटे विलंब से संचालित हुई। प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी 30 मिनट, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक घंटा विलंब से गौरीगंज पहुंची। इसी तरह लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी व रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी भी एक घंटा विलंब से चली। इंटरसिटी के विलंब से संचालित होने से दैनिक यात्री समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस दो ढ़ाई घंटा, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल दो घंटा विलंब से संचालित हुई।
सभी स्टेशनों पर ठहराव की एक मात्र ट्रेन लखनऊ-प्रयागराज संगम स्पेशल भी बृहस्पतिवार को एक घंटा विलंब से संचालित हुई। देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस दो घंटा तो अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल पांच घंटा विलंब से गौरीगंज पहुंच गंत्वय को रवाना हुई। इसके अतिरिक्त बृहस्पतिवार को वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस, जोधपुर-वाराणसी मरुधर एक्सप्रेस, हरिद्धार-प्रयागराज योगनगरी एक्सप्रेस निरस्त रही।
दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी बुधवार रात गौरीगंज नहीं पहुंची। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी हुई। स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनों का परिचालन विलंब से हुआ। यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए अलाव प्रबंध के साथ वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने का प्रबंध किया गया है। ट्रेन से जुड़े अपडेट नियमित रूप से यात्रियों को दिए जा रहा है।