गौरीगंज (अमेठी)। पिछले चार दिनों के भीतर कोरोना संदिग्धों के प्रयोगशाला भेजे गए नमूनों में से 267 की रिपोर्ट सोमवार देर रात जिला प्रशासन को मिली। प्राप्त रिपोर्ट में संग्रामपुर थाना के डायल-112 के पीआरवी वाहनों पर तैनात एक महिला सिपाही समेत चार सिपाही तथा एक बच्चा व एक बुजुर्ग समेत पांच स्थानीय में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले 24, 25 व 27 जुलाई को बड़ी संख्या में कोरोना संदिग्धों के लिए गए नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्रयोगशाला की ओर से सोमवार देर रात 267 लोगों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई। भेेजी गई रिपोर्ट में 258 को निगेटिव तो नौ लोगों को पॉजिटिव बताया गया।
पॉजिटिव मिले लोगों में संग्रामपुर थाना क्षेत्र में संचालित डायल-112 के पीआरवी वाहनों पर तैनात एक महिला सिपाही समेत चार सिपाही भी शामिल हैं। पॉजिटिव मिले अन्य पांच लोगों में एक अमेठी शहर के ककवा रोड का बुजुर्ग व्यापारी, मुंशीगंज कस्बे का एक 12 वर्षीय बच्चा तथा जगदीशपुर ब्लॉक के मिसरौली व कोठी पालपुर और बाजार शुकुल ब्लॉक के पूरे फल्लू पांडेय के एक-एक लोग शामिल हैं। जिला प्रशासन ने सभी संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए लेवल-1 अस्पताल में भर्ती कराते हुए संक्रमित क्षेत्र को कंटनेमेंट जोन घोषित कर दिया है।
डीएम अरुण कुमार के आदेश पर गठित टीमों ने मंगलवार को संक्रमित क्षेत्रों को सील कर गांव-गलियों का सैनिटाइजेशन करने के साथ ही संक्रमितों के क्लोज कॉन्टेक्ट संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी है। डीएम ने बताया कि जिले में अब तक 407 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है तो 348 ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में कोरोना के 57 एक्टिव मरीज हैं।
प्रशासन ने दर्ज किया गलत पता
रविवार रात कोरोना पॉजिटिव मिले 17 लोगों में शामिल एक महिला का पता प्रशासन ने गलत दर्ज किया था। महिला के पति ने बताया कि उसने अपना पता महिंद्रा एजेंसी के पीछे स्थित एक गांव बताया था जबकि सैंपल लेने वाले ने पता महिंद्रा एजेंसी लिख दिया। एजेंसी के सर्विस मैनेजर प्रवीण ने बताया कि उनके यहां का कोई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव नहीं है।
अस्पताल आए मां-बेटे मिले कोरोना संक्रमित
अमेठी। ककवा रोड स्थित रायपुर फुलवरी की रहने वाले एक महिला अपने पुत्र के साथ मंगलवार को इलाज कराने शहर स्थित सीएचसी पहुंची। अस्पताल में फीवर की समस्या होने पर मौजूद चिकित्सकों ने एंटीजन विधि से उनकी कोराना जांच कराई तो मां-बेटे कोरोना संक्रमित मिले। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद डॉ. सौरभ सिंह ने परिसर को सैनिटाइजेशन कराने का कार्य शुरू कर दिया। सीएससी अधीक्षक डॉ. पीके उपाध्याय ने एंटीजन जांच में मां-बेटे के कोरोना संक्रमित होने तथा इलाज के लिए अस्पताल भेजने की पुष्टि की है।