अमेठी सिटी। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की कोर्ट ने निवेश योजना में अनियमितता, जमा धनराशि में गड़बड़ी करने और कूटरचित दस्तावेज के उपयोग संबंधी गंभीर आरोपों पर जायस पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। यह आदेश जायस के चौधरना मोहल्ला निवासी मुशीर अहमद की ओर से दायर वाद की सुनवाई के बाद पारित किया गया।
मुशीर ने बताया कि कि जायस की मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने धनराशि जमा योजना चलाने का दावा कर लोगो को अपने झांसे में लिया। वर्ष 2017 में उन्हें शाखा प्रबंधक का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने स्थानीय लोगों के विश्वास के आधार पर सलमान, निजाम, विद्या, सल्तनत फात्मा, अखिलेश सोनकर, वाहिद, किरन, मनोज सहित कई खाताधारकों की लगभग 20 लाख रुपये की राशि सोसाइटी में जमा कराई गई।
आरोप है कि इसके बाद सोसाइटी से जुड़े पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह निरंजन और दिनेश सिंह अचानक ऑफिस बंद कर गायब हो गए।जमा धन न मिलने पर प्रार्थी ने आरोप लगाया कि सोसाइटी के नाम पर फर्जी प्रपत्र बनवाकर लोगों की राशि का दुरुपयोग किया गया। स्थानीय थाने में तहरीर देने पर भी प्रकरण दर्ज न होने के बाद मुशीर अहमद ने पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री से सूचना भेजी। अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।