मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव, नायब तहसीलदार अजय कुमार सिंह, उर्वरक व रसायन निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि आशीष जांगड़ा और कुलदीप कुशवाहा की संयुक्त टीम ने कॉलेज परिसर में छापा मारा था। मौके से बड़ी मात्रा में नकली उर्वरक व कीटनाशक दवाएं, तैयार डीएपी, रासायनिक दवाएं, पैकिंग मशीन, नामी कंपनियों के लेबल लगे पैकेट बरामद किए गए।
फैक्टरी संचालन के लिए लाइसेंस नहीं था। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नकली उत्पाद बाजार में सप्लाई किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान एक कमरे से काम करते हुए राम उजागर यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि नकली कीटनाशक फैक्टरी तिवारी का पुरवा मजरा सोनपुर मनका निवासी शिवम तिवारी संचालित कर रहा था। मामले में थाना प्रभारी रवि कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जल्द ही मुख्य आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे थे सप्लाई
पुलिस की जांच में सामने आया कि नकली कीटनाशक बनाने वाली फैक्टरी बार-बार अपना ठिकाना बदलती थी। ककवा मार्ग के बाद बाईपास के पास कॉरपोरेट ऑफिस बनाया गया था। वहीं से पैकिंग, बिक्री और सप्लाई की योजना थी। छापा में नकली कीटनाशक, पैकिंग सामग्री, खाली बोतलें और फर्जी लेवल बरामद किए गए। उत्पाद नामी कंपनियों के नाम पर खाद और कीटनाशक ग्रामीण क्षेत्रों में बेचे जा रहे थे।
ग्राहक भेजकर की पुष्टि
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई से पहले विभाग ने एक ग्राहक भेजकर गतिविधियों की पुष्टि कराई। पुष्टि होते ही संयुक्त टीम ने छापा मारा। मौके से करीब आठ सौ खाली बोरियां बरामद की गईं।
चार सौ रुपये में कराई जा रही थी मजदूरी
छापे के समय मौके पर मिले श्रमिक राम उजागर ने बताया कि उससे 25 किलो की बोरियां भरवाई जा रही थीं। एक दिन की मजदूरी चार सौ रुपये तय थी।
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