गौरीगंज (अमेठी)। अमेठी की भाजपा विधायक गरिमा सिंह के पुत्र एवं प्रतिनिधि अनंत विक्रम सिंह ने शनिवार को आरोप लगाया कि यहां भाजपा के ही लोग प्रशासन की मदद से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने में जुटे हैं।
पुलिस की मदद से अधिकृत प्रत्याशी को घंटों रोका गया और कई बीडीसी सदस्यों को निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में अगवा कर लिया गया। बाद में ब्लॉक पहुंचीं विधायक गरिमा सिंह ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की तो पुलिस ने ब्लॉक के पास जमा लोगों को दौड़ाकर पीटा।
पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित संग्रामपुर ब्लॉक में भाजपा ने संगीता गुप्ता को प्रत्याशी घोषित किया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कल्लन देवी प्रत्याशी हैं। संगीता की मदद अमेठी विधायक गरिमा सिंह तो कल्लन की मदद क्षेत्र का एक प्रभावशाली परिवार कर रहा है।
शनिवार को मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद संग्रामपुर पहुंचे गरिमा सिंह के पुत्र व उनके प्रतिनिधि अनंत विक्रम सिंह ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि अमेठी के एक भाजपा नेता के दबाव में पुलिस वाले पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने में जुटे हैं।
पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी के अलावा तीन बीडीसी सदस्यों को अगवा कर लिया गया है। भाजपा को हराने के लिए बाहर से अराजकतत्व बुलाए गए। अनंत के आरोपों के बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सूचना पर पहुंचे एएसपी वीके पांडेय ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वे कुछ भी मानने को तैयार नहीं हुए। इसी बीच विधायक गरिमा सिंह भी ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गईं। गरिमा ने संग्रामपुर में दोबारा मतदान कराने की मांग की।
मौके पर मौजूद एडीएम एसपी सिंह व एएसपी वीके पांडेय ने दोबारा मतदान से इनकार किया। हंगामे को समाप्त कराने के लिए पुलिस ने ब्लॉक के पास जमा लोगों को खदेड़ा। इस दौरान कई लोगों की पिटाई भी हुई।
सभी सदस्यों ने किया मतदान
मौके पर पहुंचे एडीएम एसपी सिंह ने कहा कि ढाई बजे तक सभी 39 बीडीसी सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई।