अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा सामने आया है। लखनऊ की एक महिला अभ्यर्थी ने एक साथ अमेठी और बाराबंकी से शिक्षक पद का नियुक्ति पत्र हासिल कर लिया। जनवरी माह में हुई काउंसिलिंग के दौरान शपथ पत्र देने के साथ अमेठी में भी मूल दस्तावेज जमा किए और बाराबंकी में भी।
सचिव कार्यालय से पदस्थापना की सूची तैयार होते समय बुधवार को पंजीकरण व आधार नंबर एक समान मिलने पर मामला उजागर हुआ।
लखनऊ जिले के बसरहिया मजरे अमेठी गांव निवासी मनीषा वर्मा 12460 शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी के रूप में शामिल हुईं। जनवरी 2024 में काउंसलिंग में अमेठी के साथ ही बाराबंकी जिले में भी प्रतिभाग किया। अमेठी व बाराबंकी में मूल अभिलेख जमा कर नियुक्ति पत्र भी प्राप्त कर लिया। इसके बाद स्कूल आवंटित होता, इससे पहले ही कोर्ट से स्टे हो गया। शासन के निर्देश पर 28 जून 24 को निशक्त और महिला व 29 जून 24 को पुरूष अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटन व पदस्थापना की कार्रवाई शुरू हुई।
बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव कार्यालय मेंं जिलों से मंगाई गई सूची जब साफ्टवेयर पर अपलोड की गई तो धांधली का मामला सामने आया। पंजीकरण व आधार नंबर समान होने से अमनीषा वर्मा के दो जिले से नियुक्ति पत्र पाने का मामला सामने आया। जानकारी मिली तो बाराबंकी बीएसए ने अमेठी बीएसए से संपर्क किया। जांच में पता चला कि दोनों ही जिलों में मनीषा वर्मा ने मूल दस्तावेज जमा कर रखे हैं। वास्तविक रूप से यह संभव नहीं हो सकता। बेसिक शिक्षा विभाग ने मनीषा के स्कूल आवंटन पर रोक लगाते हुए जांच शुरू करा दी है। अभ्यर्थी मनीषा के मोबाइल नंबर पर संपर्क की कोशिश की गई तो फोन बंद मिला।
एक ही दिन दोनों जिले में करवाई काउंसिलिंग
अभ्यर्थी ने बाराबंकी व अमेठी में एक दिन काउंसिलिंग करवाई। एक दिन दोनों जिले में पहुंचकर
काउंसिलिंग करवाना व अभिलेख जमा कर पाना कैसे संभव हुआ यह भी जांच का विषय है। ऐसा एक दिन में कर पाना संभव नहीं है। माना जा रहा है कि विभागीय लोगों की मिलीभगत रही होगी।
जांच के बाद दर्ज करवाया जाएगा केस
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि सचिव कार्यालय से अभ्यर्थी मनीषा वर्मा के अमेठी व बाराबंकी से नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का मामला प्रकाश में आया है। काउंसलिंग के समय अभ्यर्थी द्वारा सभी मूल दस्तावेज जमा करने के साथ शपथ पत्र भी दिया गया था कि सिर्फ अमेठी में ही काउंसिलिंग करवाई है। पदस्थापना पर रोक लगाते हुए जांच के बाद केस दर्ज कराते हुए वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।