अमेठी। हत्या से पहले बुजुर्ग मथुरा प्रसाद जिस समय गया में अपने पितरों का पिंडदान कर रहा था उस समय संपत्ति की लालच में उसका सगा बेटा उसकी हत्या का प्लान बना रहा था। शनिवार को पुलिस ने बेटे को आलाकत्ल समेत गिरफ्तार कर बुजुर्ग की हत्या का खुलासा कर दिया।
टांडा-बांदा हाईवे पर शहर में स्थित शॉपिंग मार्ट के पास घर के बरामदे में सो रहे मथुरा प्रसाद (70) की अज्ञात हमलावरों ने 21 मार्च की रात हत्या कर दी थी। सुबह परिजन उठे तो तखत पर उनका शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे मृतक के बड़े पुत्र जियालाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 21 मार्च की शाम उसके पिता गया से पिंडदान करके वापस आए थे। पिता को अपने भाई शिव प्रसाद के घर (बी-मार्ट के समीप) पर छोड़कर अपने मकान (नगरवा) पर चला गया।
जांच में जुटे एसएचओ अखंडदेव मिश्र को मृतक के छोटे बेटे शिव प्रसाद द्वारा पिता की हत्या करने का कुछ सुराग मिला। उसे बुलाकर पूछताछ करते कि वह घर से अचानक गायब हो गया तो कोतवाल का संदेह और मजबूत हो गया। पुलिस ने शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे आरोपी को मुसाफिरखाना रोड स्थित मछली मंडी नहर पुलिया के पास दबोच लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में शिव प्रसाद ने बताया कि वे दो भाई, तीन बहन हैं। एक बहन के पति की मृत्यु हो गई है। वह पिता के साथ रहती थी। पिता उसे काफी संपत्ति दे चुके थे। पिता जो जमीन बेचते थे उसका पैसा बड़े भाई जियालाल व बहन को दे देते थे। काफी विरोध के बाद भी एक माह पहले जिस घर में रहते हैं उसको भी बेचने का सौदा पिता ने कर लिया था। गया से पिडंदान कर वापस आने के बाद वे उक्त मकान व जमीन की रजिस्ट्री करने वाले थे। वह इस बात को लेकर क्षुब्ध था।
बताया कि जब पिता 21 मार्च की शाम गया से वापस लौटे तो संयोगवश उसके घर पर रुक गए। उसे मौका मिल गया। उसने पहले से तैयार प्लान पर काम करने का निश्चय कर लिया। रात में जब सब लोग सो गए तो उसने कुदाल से सिर व चेहरे पर कई बार प्रहार कर पिता को मार डाला। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए उसका चालान न्यायालय भेज दिया।