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भारत बंद पर जिले के किसानों ने भरी हुंकार

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अमेठी। केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ पूरे देश के किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान नेताओं की ओर से मंगलवार को भारत बंद के आह्वान का जिले में मिला जुला असर रहा।
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बंद को सफल बनाने के लिए कई किसान संगठनों के साथ ही कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। हालांकि सुबह से ही जिला व पुलिस प्रशासन की सक्रियता के चलते कहीं भी जोर जबरदस्ती नहीं हुई।
तीन नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे विभिन्न किसान संगठनों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इसे सफल बनाने के लिए मंगलवार को जिले के किसान सड़क पर उतर आए।
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ब्लॉक व तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने के बाद किसान संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता जिला मुख्यालय की ओर चल पड़े। जिला मुख्यालय पहुंचे भारतीय किसान यूनियन भानू गुट, किसान क्रांति दल, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, आम आदमी तथा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
हालांकि इस दौरान जिले की बाजारों में खुली दुकानों को बंद कराने की किसानों की योजना धरी रह गई। सुबह से ही सक्रिय जिला व पुलिस प्रशासन ने मुख्यालय पहुंच रहे सभी संगठनों को रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्र होने की बात कहते हुए उन्हें वहां तक पहुंचा दिए।
स्टेशन परिसर के चारों ओर बैरियर लगाने के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर सबको वहीं रोक लिया। स्वयं एसडीएम गौरीगंज संजीव मौर्य व सीओ संतोष कुमार सिंह किसानों से बात कर उन्हें समझाते हुए वहीं पर रोकने में कामयाब रहे। देर शाम तक मुख्यालय पहुंचने वाले सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं को बाहर नहीं जाने दिया गया।
किसान क्रांति दल के अध्यक्ष कमला प्रसाद त्रिपाठी ने पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम वंदिता श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। कांग्रेस पार्टी का ज्ञापन जामो तिराहा तो आम आदमी पार्टी तथा अन्य संगठनों का ज्ञापन एसडीएम संजीव कुमार मौर्य व सीओ संतोष सिंह ने रेलवे स्टेशन परिसर में ही ले लिया।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए तीनों कानूनों को तत्काल निरस्त कराने की मांग की गई है। किसानों ने कानून वापस नहीं लेने पर दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने की बात कही है।
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