अमेठी। परिवार के मुखिया व अपने पति की हत्या से क्षुब्ध महिला ग्राम प्रधान ने शस्त्र लाइसेंस व सुरक्षा के साथ तीन बीघा जमीन व विभिन्न मदों से मिलने वाली आर्थिक सहायता तत्काल दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने कहा कि पति की हत्या से उनके परिवार का सहारा छिन गया है।
बंदोइया गांव में गुरुवार रात हुई महिला ग्राम प्रधान के पति की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। शुक्रवार शाम ग्राम प्रधान के पति का शाम पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिवारीजनों के सब्र का बांध टूट गया। महिला ग्राम प्रधान छोटका का कहना था कि गांव के कुछ लोग उसके परिवार पर गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाकर लगातार परेशान कर रहे थे।
मन नहीं भरा तो इन लोगों ने उसके पति को जलाकर मार डाला। महिला ग्राम प्रधान ने कहा कि उसका पति ही परिवार के मुखिया और एकमात्र सहारा थे। पति की मौत से पूरा परिवार टूट गया है।
ग्राम प्रधान ने प्रशासन से परिवार को शस्त्र लाइसेंस व सुरक्षा, किसान दुर्घटना बीमा का पांच लाख रुपये, एससीएसटी एक्ट में मिलने वाली 8.12 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, जीवनयापन के लिए तीन बीघा जमीन के आवंटन के साथ ही घटना में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान का कहना था कि दबंगों ने उसके परिवार का चैन छीनने के बाद जीने का सहारा भी छीन लिया।
दलित महिला ग्राम प्रधान के पति की हत्या से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। घटना को लेकर दिन भर ग्रामीण सहमे रहे। ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ग्राम प्रधान के पति को क्यों मार डाला गया। घटना को लेकर गांव का कोई भी व्यक्ति खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं दिखा।
ग्राम प्रधान के परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए सुबह से लेकर रात तक लोगों का तांता लगा रहा। गांव के लोगों के अलावा ग्राम प्रधान के रिश्तेदार व इष्ट मित्र तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उनके घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त करने के साथ हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
महिला ग्राम प्रधान के पति की हत्या से गांव में खासा आक्रोश है। लोगों में सुलग रहे आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। गांव में कई थानों की पुलिस व पीएसी लगाई गई है। सीओ गौरीगंज संतोष कुमार सिंह भी गांव में कैंप कर रहे हैं।
महिला ग्राम प्रधान के पति का शव शाम चार बजे के बाद गांव पहुंचा तो परिवारीजनों के अलावा वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। पविारीजन जहां फूट-फूट कर रो रहे थे वहीं गांव और आसपास के लोग लोग किसी तरह उन्हें संभालने और परिवार को सांत्वना देने में लगे थे।
प्रधानपति अर्जुन कोरी के परिवार मेें पत्नी छोटका के अलावा विवाहित पुत्र सुरेंद्र कोरी व पुत्री पुनीता व बैजयंती के अलावा अविवाहित पुत्र गोविंद व रवींद्र कुमार हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि उनके पति की मौत से अविवाहित दोनों बेटों के अलावा पूरे परविार की उम्मीदें भी चकनाचूर हो गईं।
ग्राम प्रधान के पति की मौत से गांव में मातम पसरा रहा शुक्रवार को गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा तक नहीं जला। लोग सारा काम धाम छोड़कर अर्जुन के घर व पोस्टमॉर्टम हाउस पर डटे रहे। शाम को अर्जुन का शव गांव पहुंचा तो एक बार फिर पूरे गांव के लोग उनके घर के सामने पहुंच गए।