. राजर्षि रणंजय आसल देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीपरपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती डी
भादर। सहनशीलता की कमी के कारण परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और मामले अदालतों तक पहुंच रहे हैं। पारिवारिक विवादों को सुलह-समझौते से हल करने की पहल हो तो वर्षों तक चलने वाली न्यायालयों में दायर वाद की पैरवी से बचा जा सकता है। ये बातें शनिवार को पीपरपुर में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के तहत आयोजित जागरूकता गोष्ठी में मुख्य अतिथि अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुल्तानपुर की सचिव मुक्ता त्यागी ने कहीं।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका और कानूनी सहायता की जानकारी दी। बताया कि पात्र जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को सचेत किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य संगीता सिंह ने मिशन शक्ति के बारे में जानकारी दी, जबकि डॉ. पूनम मिश्र ने राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन हरिराम ने किया। छात्राओं एकता सिंह, सविता उपाध्याय और शिवानी कश्यप ने भी विचार रखे। इस मौके पर पीएलबी महेंद्र कुमार बरनवाल, संतोष कुमार गौतम और हौसला प्रसाद आदि मौजूद रहे।