मुसाफिरखाना (अमेठी)। दिल्ली में नौकरी करने वाले व्यक्ति की जमीन पर पड़ोसी ने अपनी दीवार खड़ी कर ली। विरोध करने पर परिवारीजनों की पिटाई कर दी। पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खतरे की आशंका के चलते परिवार ने पड़ोसी जनपद सुलतानपुर में एक रिश्तेदार के यहां शरण ली और दीवार बेचने के लिए उस पर नोटिस चस्पा की है।
शनिवार को सोशल मीडिया पर घर बिकाऊ होने के चस्पा नोटिस तथा पीड़ित का एक वीडियो वायरल होने पर मामला सुर्खियों में आया।
इस संबंध में डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी मेवालाल कहा कि वह परिवार के भरण पोषण के लिए दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है।
कोविड की दूसरी जहर में जब वह घर लौटा तो अपने हिस्से में मकान बनाने की शुरुआत की। इसी बीच पड़ोसी दर्शन ने जबरन उनकी दीवार पर छप्पर रख लिया।
विरोध करने पर दर्शन व उसके परिवारीजनों ने मिलकर मेवालाल के पिता और पत्नी गीता की पिटाई कर दी। थाने जाने पर पुलिस वालों ने उल्टा उन्हें ही जमीन पर कब्जा करने की बात कहकर भगा दिया।
कहीं सुनवाई नहीं होने पर मेवालाल मकान बेचने को मजबूर है। शनिवार को मेवालाल ने घर बिकाऊ होने के नोटिस के साथ अपना का एक वीडियो वायरल कर दिया।
वीडियो में मेवालाल कहना है कि दबंग लोग उसे जान से मारना चाहते हैं। मुसाफिरखाना पुलिस भी उन्हें जेल भेजने के लिए ढूंढ रही है। इस डर से पड़ोस के जिला सुलतानपुर में एक रिश्तेदार के यहां रह रहा है।
एसपी ने आरोप को बताया निराधार
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि मेवालाल के पत्नी की ओर से ट्वीट पर शनिवार को तहसीलदार व एसएचओ की संयुक्त टीम मौके पर भेजी गई थी। स्थलीय जांच व ग्रामीणों से पूछताछ में दर्शन की भूमि पर मेवालाल द्वारा ही अवैध रुप से निर्माण करने की बात सामने आई।
दोनों पक्षों को पुरानी आबादी की भूमि होने के चलते आपसी सुलह समझौता या फिर दीवानी न्यायालय में वाद दायर करने को कहा गया है। शांति व्यवस्था को देखते हुए दोनों पक्षों को पाबंद किया गया है। घर छोड़कर दूसरे जिले में रहने व अवैध कब्जा करने के आरोप को एसपी ने निराधार बताया।