मुसाफिरखाना (अमेठी)। दो स्टार लगी खाकी वर्दी पहन कर लोगों से वसूली कर रहा कथित दरोगा सोमवार रात पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गया। मुसाफिरखाना थानाक्षेत्र के कौदैली गांव निवासी प्रमोद कुमार पांडेय द्वारा लोगों से वसूली की शिकायत जब पुलिस को मिली तो सोमवार रात टीम थानाक्षेत्र के दादरा रेलवे क्रासिंग पहुंची। वहां देखा कि नटवरलाल बाइक सवारों को रोकने का इशारा करते रौब गांठ रहा था। जैसे ही पुलिस कर्मियों को देखा तो जय हिंद बोलते हुए उन्हें गुमराह करने की कोशिश करने लगा। ये पूछने पर कि बाइकसवारों को क्यों रोक रहे हो तो बोला कि घर जाने के लिए साधन का प्रबंध नहीं है इसलिए लिफ्ट मांग रहा हूं।
पुलिस टीम के पूछने पर उसने फतेहपुर जिले में पोस्टिंग तो बताई लेकिन किस थाने में तैनाती है यह पूछने पर सकपकाने लगा। इतना ही नहीं अपना पीएनओ नंबर भी नहीं बता पाया। इसके बाद टीम को संदेह हुआ और सख्ती से पूछताछ पर वह टूट गया। एसएचओ विवेक सिंह ने बताया कि फर्जी दरोगा बन वसूली करने वाले प्रमोद कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। मामले में थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजेश कुमार दीक्षित की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। प्रमोद का चालान कोर्ट भेजते हुए मामले की जांच हो रही है।
पुलिस विभाग के कई व्हाट्स एप ग्रुप में था शामिल
प्रमोद कुमार के पास बरामद मोबाइल के व्हाट्स एप ग्रुप देख पुलिस कर्मियाें के होश उड़ गए। अमेठी जिले की पुलिस व्हाट्स एप ग्रुप संग आगरा, रायबरेली सहित कई जिले में उसका नंबर जुड़ा था। यही दिखाकर परिजन व रिश्तेदारों को गुमराह वह करता था। पुलिस व्हाट्स एप ग्रुप में प्रमोद का नंबर कैसे जुड़ा इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। सवालों के जवाब की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। पूछताछ में पता लगा कि प्रमोद विज्ञान से स्नातक है और उसने पुलिस भर्ती की कई परीक्षाएं दीं लेकिन सफल नहीं हो पाया। मन की इच्छा पूरी करने के लिए दरोगा की वर्दी पहनकर उसने वसूली शुरू कर दी।
जायस में सिलवाई वर्दी, रायबरेली में खरीदे स्टार
प्रमोद कुमार पांडेय ने फर्जी दरोगा बनने के लिए जायस कस्बे में पुलिस की वर्दी तैयार करवाई। वर्दी तैयार होने के बाद रायबरेली से स्टार, मोनोग्राम, बेल्ट, पी कैप, सीडोरी व जूता खरीद तन पर खाकी सजा ली और किसी को भनक तक नहीं हुई। परिजनों को दिखाने के लिए फर्जी पीएनओ नंबर सहित आईकार्ड, नियुक्ति पत्र व शपथ पत्र की कॉपी भी तैयार करवाकर मोबाइल में सेव कर ली। बात करने का अंदाज भी ऐसा था कि सामने वाला उसे दरोगा समझ लेता था। आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने संग शौक इतना बढ़ा कि वसूली का दायरा बढ़ता गया। सोमवार रात वसूली की इसी लत के चलते वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
दरोगा का झांसा देकर की थी शादी, लिया था मोटा दहेज
2023 बैच में भर्ती होने की बात प्रमोद ने परिजनों को बताई तो सभी खुश हो गए। रिश्तेदार संग परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मिठाई बंठी, भोज हुआ। कथित दरोगा बनते ही प्रमोद के लिए रिश्ते आने लगे। परिवार वालों ने उसकी शादी पास के ही गांव में रहने वाले एक लड़की से 16 नवंबर 2024 को शादी कर ली। दरोगा होने के चलते दहेज में प्रमोद को एक कार, 10 लाख रुपए नकद सहित लाखों रुपये के सामान मिले। लड़की वालों को इसका तनिक भी अंदेशा नहीं था कि उनका दामाद फर्जी दरोगा होगा।