गौरीगंज इफको केंद्र पर कतार में खड़े किसान। संवाद
अमेठी सिटी। इफको केंद्र गौरीगंज में शनिवार को कतार में लगने के बाद भी किसानों को मायूस होकर बगैर खाद के लौटना पड़ा। डीएपी नहीं होने से नाममात्र के किसान दिखे। केंद्रों पर खाद नहीं होने से किसान चक्कर काट रहे हैं।
जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित माधोपुर समिति पर डीएपी नहीं होने से सन्नाटा पसरा रहा। गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर शनिवार सुबह किसानों की लंबी कतार रही। यहां पर शेष बची 86 बोरी डीएपी व 36 बोरी एनपीके दोपहर 12 बचे वितरित हो गई। ऐसे में कतार में लगे किसान महेंद्र कुमार ने बताया कि अमेठी इफको केंद्र पर डीएपी नहीं है। यहां पर डीएपी होने की जानकारी मिली। करीब 11 बजे लाइन में लगे, लेकिन नंबर भी नहीं आया और खाद खत्म हो गई। कहा कि बगैर खाद के लौटना पड़ रहा है।
बुजुर्ग किसान मोहन ने बताया कि भैया समिति पय खाद नाही अहाय और इहां लाइन लगाए रहे, नंबर नाही आवा ओकरे पहिले खाद बिक गए। कहा कि लागत अहाय कि बगैर खाद के गेहूं बोआय का परै। किसान जयकरन, राहुल, ओम प्रकाश यादव आदि ने बताया कि समितियों पर खाद नहीं है। किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर डीएपी लेनी पड़ हरी है।
वहीं गौरीगंज स्थित माधोपुर, ताला, महसो, गोरखापुर, चंदौकी सहित 25 समितियों पर डीएपी नहीं थी। इससे गेहूं, आलू, मटर आदि की फसलों की बोआई प्रभावित हो रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्राइवेट कंपनी की 13000 क्विंटल डीएपी मिली है। सोमवार तक रायबरेली में रैक आने की उम्मीद है। कहा कि डिमांड के अनुसार केंद्रों पर डीएपी व एनपीके भेजी जा रही है।