अमेठी सिटी। आठ दिन पहले तेज आंधी व तूफान से बिजली के खंभे व सप्लाई लाइन टूटने के साथ कई जगह ट्रांसफार्मर खराब होने से बाधित हुई 80 गांवों के 350 पुरवों की बिजली आपूर्ति अभी तक पटरी पर नहीं लौटी है। खंभे और ट्रांसफार्मर की कमी के साथ ही मौसम की बेरुखी भी बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाने में अड़ंगा लगा रही है। विभागीय कर्मचारी सुल्तानपुर से बिजली के खंभों की खेप मंगा कर सप्लाई लाइनों को दुरुस्त बनाने में जुटे हैं। भरोसा जताया है कि जल्द ही पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
आंधी की वजह से जिले में 100 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब होने के साथ ही करीब 1500 से अधिक बिजली पोल टूट गए थे। पेड़ गिरने से जगह-जगह बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई थी। बीते आठ दिन से ऊर्जा निगम की टीम रात-दिन मरम्मत कर आपूर्ति को पूरी तरह बहाल करने की कवायद में जुटी है। खंभों की कमी पूरा करने के लिए पड़ोसी जिले सुल्तानपुर से खंभों व ट्रांसफार्मर की आपूर्ति कराई जा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली का खंभा गाड़ने और लाइन बनाने में मुश्किल आ रही है। अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि लाइन बनाने के साथ ही बिजली खंभा लगाने का काम आखिरी दौर में है। जल्द ही पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
40 से अधिक गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली
तिलोई। ऊर्जा निगम कर्मियों की तमाम कोशिशों के बावजूद 40 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। खंभों की कमी इसमें सबसे बड़ी बाधा बनी है। नई लाइन तैयार करने के लिए अभी भी 280 खंभों की आवश्यकता है। आंधी में टूटे खंभों की गिनती भी अब तक नहीं कराई गई है। गांवों तक बिजली पहुंचाकर किसानों के ट्यूबवेल चालू कराना प्राथमिकता है। (संवाद)
60 पुरवों में चल रहा मरम्मत कार्य
बाजारशुकुल। तेतारपुर, ब्यौरेमऊ, जलाली, गलापुर, भटमऊ सहित 60 पुरवों की आपूर्ति अभी भी प्रभावित है। एसडीओ राजेश चौहान ने बताया कि मांग पत्र के अनुरूप पांच ट्रांसफार्मर के अलावा मेंटेनेंस का सामान कर्मचारियों को मुहैया करा दिया गया है। 80 बिजली के खंभे मिल चुके हैं जिन्हें लगाने का काम चल रहा है। (संवाद)
20 गांव में जल्द होगी आपूर्ति
जगदीशपुर। देवकली फीडर के 20 गांव में बिजली आपूर्ति पहुंचाने के लिए ऊर्जा निगम की टीम जुटी है। एसडीओ अनमोल सिंह ने बताया कि मरम्मत का काम आखिरी दौर में है। शेष चार फीडर की आपूर्ति चल रही है। इन गांव में भी देर रात आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुल्तानपुर से मिले खंभों को गाड़कर लाइन बनाई जा रही है। (संवाद)