बाजारशुकुल (अमेठी)। एक गांव में 15 वर्षीय किशोर से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की कार्रवाई अधूरी है। 72 घंटे बाद भी पीड़ित का मेडिकल परीक्षण अब तक नहीं कराया गया है, जबकि दो अन्य अज्ञात आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। घटना के तीसरे दिन तक कार्रवाई न होने से ग्रामीणों और परिजनों में नाराजगी है।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे किशोर को गांव के दो युवक जबरन घर से बाइक पर बैठाकर ले गए थे। रास्ते में मारपीट करने के बाद उसे गांव लौटाकर दोबारा पीटा गया, फिर बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां दो और युवक मौजूद थे, जिन्होंने सहयोग किया। आरोपियों ने अमानवीय हरकतें कीं, पूरी घटना का वीडियो बनाकर धमकी दी कि किसी को जानकारी दी तो वायरल कर देंगे। किशोर के मोबाइल को भी तोड़ दिया गया।
रात करीब साढ़े 10 बजे परिजन किशोर को अचेत हालत में खोजते हुए बाग से सीएचसी ले गए। होश आने पर उसने आपबीती बताई। शनिवार को पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया। दो नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया, लेकिन बाकी दो अभी तक नहीं पकड़े जा सके हैं।
सबसे गंभीर लापरवाही यह है कि 72 घंटे बीतने के बाद भी किशोर का मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ। जबकि पीड़ित के पिता ने घटना की जानकारी शुक्रवार रात ही पुलिस को दे दी थी। इस लापरवाही से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति असंतोष है। सीओ अतुल कुमार ने बताया कि सोमवार को जिला अस्पताल में पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद पाॅक्सो कोर्ट में बयान दर्ज होंगे। आरोपियों की तलाश जारी है।