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Amethi News: शिक्षकों व शिक्षण कार्य की निगरानी करेगा मूल्यांकन प्रकोष्ठ

Sun, 11 Jun 2023 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य में लापरवाही व शिक्षकों की मनमानी अब मूल्यांकन प्रकोष्ठ अंकुश लगाएगा। नामित पांच सदस्य प्रतिदिन कम से कम दस स्कूल को वीडियो कॉल कर शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य समेत अन्य जानकारी का ऑनलाइन अनुश्रवण कर निर्धारित प्रारूप पर अपनी रिपोर्ट देंगे।बेसिक शिक्षा विभाग जिले में संचालित 1,571 परिषदीय स्कूलों को अवस्थापना सुविधा से लैस करने के साथ हाईटेक विधि से शिक्षण कार्य करने की कोशिश में जुटा है। शैक्षिक सत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है। अकादमिक गतिविधियों में शिक्षकों की शिथिलता से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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विभाग ने निपुण लक्ष्य पूरा करने के लिए स्कूलों का औचक ऑनलाइन निरीक्षण करने की योजना बनाई है। जिससे शैक्षिक कार्य का मूल्यांकन किया जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए डायट प्राचार्य की निगरानी में दो वरिष्ठ प्रवक्ता एवं तकनीकी सहायक की संयुक्त टीम गठित की गई है।

मूल्यांकन प्रकोष्ठ प्रतिदिन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय समेत कम से कम दस स्कूल का ऑनलाइन अनुश्रवण वीडियो कॉल के जरिए करेंगे। वीडियो कॉल पर शिक्षकों की उपस्थिति, समय सारिणी के अनुसार कौन सा विषय पढ़ाया जा रहा है, संदर्शिका, निर्देशिका/शिक्षण योजना का पालन की स्थिति, टीएलएम प्रयोग की स्थिति, गणित व विज्ञान किट प्रयोग की स्थिति, रिमीडियल टीचिंग प्रभाव, निपुण भारत योजना की स्थिति व उपस्थिति छात्र की संख्या समेत निर्धारित 20 बिंदु की जांच कर रिपोर्ट देने होगा।
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एसआरपी व एआरपी की ओर से सहयोगात्मक पर्यवेक्षण व सहयोग की निगरानी तथा अनुश्रवण किया जाएगा। टीम प्रधानाध्यापकों, शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों के क्रियाशील मोबाइल नंबर तीन बार अलग-अलग कार्य दिवस में वीडियो कॉल कर निगरानी करेगी। फोन रिसीव नहीं करने की दशा में कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
क्रियाशील किया मूल्यांकन प्रकोष्ठ
परिषदीय स्कूल में शैक्षिक स्तर बेहतर करने में मूल्याकंन प्रकोष्ठ सहायक साबित होगा। भौतिक निरीक्षण में सही तथ्य प्रकाश में नहीं आ पाते हैं। वीडियो कॉल के जरिए अनुश्रवण से शिक्षकों की स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित होगी तो समय सारिणी के अनुसार क्लॉस संचालित किया जाएगा। नियमित शिक्षण कार्य होने से बच्चों के बौद्धिक स्तर में विकास होगा। प्रधानाध्यापकों को मूल्यांकन प्रकोष्ठ की जानकारी देते हुए शिक्षकों को फोन रिसीव करने का निर्देश दिया गया है।
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संगीता सिंह-बीएसए
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