अमेठी। रिंग रोड फेस-2 निर्माण परियोजना में कार्यरत इंजीनियर दीपक पांडेय को भुगतान विवाद में तीन दिनों तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने इंजीनियर और ठेकेदार को कोतवाली लाकर पूछताछ शुरू की।
जौनपुर निवासी दीपक पांडेय विशेषरगंज मार्ग बाईपास स्थित रिंग रोड फेस-2 परियोजना में इंजीनियर हैं। उनका आरोप है कि परियोजना में मशीन उपलब्ध कराने वाले एक ठेकेदार का कंपनी पर भुगतान बकाया था। इसी विवाद में बुधवार को उन्हें अपने साथ ले जाया गया। दीपक का कहना है कि तीन दिनों तक उन्हें कहीं आने-जाने और किसी से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई। दो दिन तक संपर्क न होने पर परिजन परेशान हो गए।
बड़े भाई महेश पांडेय ने लखनऊ स्थित एडीजी कार्यालय में शिकायत की। पिता शीतला प्रसाद भी कोतवाली पहुंचे और बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और कुछ घंटे में इंजीनियर तथा ठेकेदार को कोतवाली ले आई। दीपक ने बताया कि ठेकेदार का अधिकांश भुगतान हो चुका था। बाकी रकम के लिए कंपनी ने समय मांगा था।
इंस्पेक्टर श्रीराम पांडेय ने बताया कि परियोजना में क्रेन लगाने वाले व्यक्ति का करीब 3.85 लाख रुपये भुगतान बाकी था। उसे आशंका थी कि भुगतान बिना कंपनी चली जाएगी। प्रथमदृष्टया अपहरण जैसी बात सामने नहीं आई है। सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
मामले के बाद कोतवाली परिसर में दिनभर हलचल बनी रही। दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश चलती रही। देर शाम तक किसी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।