अमेठी सिटी। भीषण गर्मी के बीच करीब 40 हजार की आबादी को बिजली कटौती से जूझना पड़ा। हालात यह रही है कि बिजली कटौती के बाद भी निगम अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। काफी देर बाद लोगों ने शिकायत शुरू की तो निगम कर्मचारी फाल्ट नहीं खोज सके। शाम सवा सात बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
मंगलवार शाम करीब चार बजे अचानक से बिजली ट्रिप हो गई। तहसील रोड, जामो रोड, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जायस रोड, गौरीगंज बाजार आदि क्षेत्रों में बिजली की समस्या से लोग परेशान रहे। लोगों ने थोड़ी देर में फाल्ट दुरुस्त होने की उम्मीद लगाए रखी, इसी बीच मोटर से संचालित लोगों की टंकियों में पानी भी खत्म हो गया।
कलेक्ट्रेट व विकास भवन में पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान उपकेंद्र के मोबाइल नंबर पर लगातार सैंकड़ों लोगों ने फोन कर शिकायत की। कर्मचारियों का कहना था कि फाल्ट पता किया जा रहा है। जिससे लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। पेयजल के लिए तो लोगों ने आसपास के नलों से पानी भर लिया, लेकिन अन्य जरूरतों के लिए लोगों की परेशानी कम नहीं हुई।
गौरीगंज शहरी क्षेत्र के एसडीओ केशरी प्रसाद ने बताया कि गौरीगंज से बन्नाटीकर व विकास भवन तक तीन बार जांच की गई लेकिन फाल्ट का पता नहीं चल सका। ऐसे में बिना फाल्ट मिले ही शाम सवा सात बजे लाइन जोड़ी गई। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि फाल्ट पता कराया जा रहा है। शीघ्र ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
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बिजली सुधार पर उठे सवाल
बिजली लाइन की मरम्मत के साथ ही अन्य सुधार के दावे किए गए। लाइनों को बंद करके खामियों को ठीक किया गया। इसके बाद भी इस तरह की समस्या पर अब लोग सवाल उठाने लगे हैं। प्रदीप कुमार का कहना है कि बिजली कटने के बाद बस फाल्ट खोजने की बात कही जाती है। इसके बाद लाेगों को परेशान होना पड़ता है।