जगदीशपुर (अमेठी)। भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में शौच गई एक बुजुर्ग महिला को गांव के बाहर एक सांड़ ने पटक कर मार डाला। महिला की मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहसील प्रशासन को भी सूचना दी गई है।
क्षेत्र के थौरी गांव निवासी लक्खा देवी (65) पत्नी स्व. सूरज लाल बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के बाहर नरवा की ओर शौच करने गईं थीं। इसी बीच वहां सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर जब तक लोग बुजुर्ग को बचाने पहुंचे तब तक मवेशी ने उन्हें पटक कर मरणासन्न कर दिया। ग्रामीणों मौके पर पहुंच कर मवेशी को भगाया। जिसके बाद परिवार के लोग बुजुर्ग महिला को घर लाए। वहां से थौरी गांव स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराया।
इलाज कराने के बाद महिला को परिवार के लोग घर ले गए। जहां देर शाम उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बेटा बोला, इस क्षेत्र में नहीं है गोशाला
घटना से परिवार में कोहराम मचा है। सभी का रो कर बुरा हाल है। शव विच्छेदनगृह पर मौजूद दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उनके क्षेत्र में गो आश्रय स्थल नहीं है। जिससे बेसहारा पशु क्षेत्र में भ्रमण करते रहते हैं। मृतक के परिवार में बड़ा बेटा गंगा प्रसाद व छोटा बेटा दुर्गा प्रसाद, एक बेटी सावित्री है। सावित्री की शादी हो चुकी है। वह अपनी ससुराल में है। दुर्गा प्रसाद के मुताबिक, वह लोग भूमिहीन हैं। सब्जी का ठेला लगाकर परिवार की जीविका चलाते हैं। उसके बड़े भाई बड़ोदरा गुजरात में मजदूरी करते हैं।
ऐसे मिलती है आर्थिक मदद
ऐसी घटनाओं में दैवी आपदा मद से मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम चार लाख रुपये होती है। इसके लिए मृतक आश्रितों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा रिपोर्ट व लेखपाल की रिपोर्ट लगवानी होती है। यह सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के आश्रित को सरकारी आर्थिक सहायता मिलती है। लक्खा देवी की मौत के बाद उनके आश्रितों ने भी आर्थिक सहायता की मांग की है।
2024 में यह तीसरी घटना
भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में लक्खा देवी की बेसहारा पशु के हमले से मौत की कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी जिले में कई लोगों की जान बेसहारा पशु के हमले से जा चुकी है। साल 2024 में मवेशी के हमले से यह तीसरी घटना है। इससे पूर्व मार्च 24 में गौरीगंज के रामपाल व फूल कुमारी की भी बेसहारा पशु के हमले से मौत हुई थी। इसके अलावा साल 2023 में मुसाफिरखाना के जगजीवन, अमेठी की सुरेशा व भेटुआ की प्रेमा देवी की मौत भी इसी तरह हुई थी। इन लोगों को जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद दी गई थी।