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Amethi News: हादसे में घायल बुजुर्ग ने तोड़ा दम, भड़के परिजन, जाम की सड़क

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लोगों ने सड़क पर जाम लगाया
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अमेठी सिटी। बाइक की टक्कर से घायल बुजुर्ग की मौत के बाद शनिवार दोपहर परिजनों ने मुसाफिरखाना-गौरीगंज मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। टक्कर मारने वाले बाइक सवार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर करीब 30 मिनट तक सड़क जाम रखा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिजन शव हटाने को राजी हुए।
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दरअसल, मुंशीगंज थाना क्षेत्र के दुर्जन का पुरवा कमलानगर मजरा किटियांवा गांव निवासी अंगद अग्रहरि ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसके दादा दयाराम अग्रहरि (62) बृहस्पतिवार को एक भंडारे में शामिल होने के बाद शाम को पैदल ही वापस घर जा रहे थे। चिलबिला मोड़ तिराहे पर लापरवाही से बाइक चलाते हुए शिव कुमार सोनी ने दयाराम को टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें घर लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार दिया गया।

हालत बिगड़ने पर मुसाफिरखाना सीएचसी ले जाया गया। मुसाफिरखाना से चिकित्सकों ने सुल्तानपुर रेफर कर दिया। सुल्तानपुर से चिकित्सकों ने इलाज के लिए लखनऊ भेज दिया। परिजनों के मुताबिक दयाराम को गंभीर हालत में लखनऊ ले जाया जा रहा था। इसी बीच रास्ते में शुक्रवार को मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार के लोगों ने टक्कर मारने वाले बाइक सवार के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
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शनिवार की दोपहर पोस्टमार्टम होने के बाद परिवार के लोग शव लेकर घर जा रहे थे, तभी रास्ते में परिवार वालों ने सैंकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर मुसाफिरखाना व गौरीगंज मार्ग पर कमलानगर बाजार में सड़क पर शव रख दिया और प्रर्दशन शुरू कर दिया। परिवार के लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

एसओ मुंशीगंज एसएन सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों से वार्ता की और उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है, उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा। पुलिस की बात पर इत्मीनान होने पर परिवार व गांव के लोग माने और करीब 30 मिनट तक सड़क जाम रखने के बाद शव उठा कर घर ले गए। फिलवक्त पुलिस गांव में मौजूद है।

दर्ज हो गया था केससड़क हादसे को लेकर पुलिस ने 10 मई 24 को ही बाइक चालक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया था। सूत्रों का दावा है कि पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन देने के बाद भी परिवार को लेकर संदेह था कि एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय सड़क पर शव रख जाम लगा दिया, लेकिन पुलिस ने जब एफआईआर दी और तक भरोसा हुआ और आरोपी की गिरफ्तारी के आश्वासन पर लोग मान गए। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी के परिवार के एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है। मुख्य आरोपी अभी भागा हुआ है। उसकी तलाश जारी है।

नहीं की थी शादी, भतीजे को लिया गोद
मृतक दयाराम ने विवाह नहीं किया था। वह खेती किसानी करते थे। उनके पांच भाई हैं। छोटे भाई शिव नरायन के पुत्र रामजी को दयाराम ने गोद ले रखा था। सूत्र बताते हैं कि रामजी ही उनकी देखभाल करता था। उसी भतीजे के साथ रहते थे। घटना के बाद इस मामले में अंगद ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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