अमेठी सिटी। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर रविवार अल सुबह 01:50 बजे एकात्मता एक्सप्रेस के लोको पायलट की सूझबूझ से गौरीगंज के काजीपट्टी के पास हादसे का शिकार होने से बच गई। पटरी पर रखी सरिया इंजन में फंसने के बाद आवाज सुनकर इमरजेंसी ब्रेक लगाई। ट्रेन में अचानक ब्रेक लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
चालक ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। रेल कर्मियों ने सरिया निकालने के बाद सुरक्षा व संरक्षा नियमों का पालन करने हुए ट्रेन को रवाना किया। मामला संज्ञान में आने के बाद आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी।
लखनऊ से चलकर गया जक्शन तक जाने वाली एकात्मता एक्सप्रेस रविवार सुबह अपने निर्धारित समय से 30 मिनट से चल संचालित हो रही थी। गौरीगंज स्टेशन पर ठहराव नहीं होने से ट्रेन को हरा सिग्लन दिया गया था। रायबरेली से सीधे अमेठी रुकने वाली ट्रेन जैसे ही लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर गौरीगंज से पहले काजीपट्टी के पास पहुंची थी कि पटरी पर रखी लोहे की सरिया के ट्रेन इंजन के निचले पार्ट में फंस गई। आवाज सुनकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई। लोको पायलट हेमंत कुमार ने सूचना स्टेशन मास्टर अवनीश सिंह को दी। इमरजेंसी ब्रेक लगने से सो रहे यात्रियों को झटका लगा तो हड़कंप मच गया।
रेल कर्मियों ने इंजन में फंसी सरिया को बाहर निकाल ट्रेन को रवाना किया। आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। आरपीएफ दरोगा प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि सरिया कैसे ट्रैक पर पहुंची, रखने का उद्देश्य क्या था यह तो जांच के बाद पता चलेगा। पूरे मामले की जांच हो रही है।
स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। ट्रेन व सवार यात्री सभी सकुशल थे। मौके पर ट्रेन को 1:50 बजे से दो बजे खड़ी थी।