अमेठी। दुष्कर्म के मामले जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व उनके सहयोगियों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने आवास विकास कॉलोनी स्थित पूर्व मंत्री और गंगागंज मोहल्ला निवासी सहयोगी महिला गुड्डा देवी के आवास पर छापा मारा। इधर, देरशाम ईडी की टीम पूर्व मंत्री के बेटे अनुराग प्रजापति को लेकर लखनऊ रवाना हो गई। जबकि, सहयोगी महिला के घर पर ईडी की जांच रात नानौ बजे तक चली। विधायक को जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा रेफर किया गया है।
सुबह करीब 6:20 बजे एक साथ दोनों स्थानों पर पहुंची टीम शाम तक आवास से दस्तावेज खंगालने में लगी हुई थी। छापे के दौरान पूर्व मंत्री की विधायक पत्नी महराजी प्रजापति बीमार हो गईं, इस पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। तत्कालीन सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति दुष्कर्म के एक केस में पिछले सात वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम अवैध खनन को लेकर मनी लाॅड्रिंग के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति की जांच करने में जुटी है। बृहस्पतिवार की सुबह लखनऊ से निकली ईडी की दो टीमें जिला मुख्यालय गौरीगंज पहुंचीं। एक टीम सुबह छह बजे शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित पूर्व मंत्री के आवास तो दूसरी टीम गंगागंज मोहल्ला स्थित पूर्व मंत्री के करीबी महिला गुड्डा देवी के घर पहुंचीं।
टीम ने पूर्व मंत्री के आवास में मौजूद उनकी पत्नी सपा विधायक महराजी प्रजापति, बेटे अनुराग प्रजापति, बहू पूजा प्रजापति व चचेरी बहु मिथिलेश तो गुड्डा देवी के घर मौजूद नौकर अयोध्या को एक स्थान पर बैठा दिया। अफसरों ने दोनों स्थानों पर अफसरों सभी कमरों व अलमारियों के तालों की चाबी मांगी। जिन कमरों और आलमारी की चाबी नहीं मिली। ईडी के अफसरों ने ताला खोलने वाले लोगों को बाहर से बुलाकर उन्हें तोड़वाया।
ईडी ने पूर्व मंत्री व उनकी करीबी महिला के आवास में आलमारी व बक्सों में रखे तमाम दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला। अफसरों ने कई दस्तावेजों की मूल तो कई की छाया प्रति कराकर अपने साथ लाए गए बैग में रख लिए।
विधायक की बिगड़ी तबीयत
अमेठी। पूर्व मंत्री के आवास पर जब ईडी छापा मार रही थी। तभी दोपहर करीब 12:30 बजे और मंत्री की पत्नी सपा विधायक महराजी प्रजापति की तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों ने घर पहुंचकर जांच की। उन्हें ब्लड प्रेशर लो व घबराहट की शिकायत थी। विधायक को सीएचसी ले जाया गया। जहां से बाद में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।