अमेठी। पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की करीबी गुड्डा देवी के यहां मौजूद टीम ने नौकर अयोध्या एवं अन्य की मौजूदगी में ताला खोलने वाले कारीगरों से ताला खुलवाया।
टीम जांच के घर में प्रिंटर मशीन के बाद पैसा गिनने वाली दो मशीनों को मंगवाया। लोगों की माने तो भारी संख्या में कैश बरामद हुआ है, इसके साथ ही अन्य सामान व कागजात भी बरामद हुए हैं। गुड्डा देवी के यहां अभी ईडी की जांच चल रही है।
सख्त रहा सुरक्षा का घेरा
अमेठी। लखनऊ जेल में बंद सपा सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित पूर्व खनन मंत्री व गंगागंज मोहल्ला निवासी सहयोगी महिला गुड्डा देवी के आवास पर ईडी के छापे पर हर किसी की निगाहें टिकी रहीं। शहर से लेकर गांव तक हर काेई बस छापे की चर्चा करता दिखा। गुड्डा देवी पूर्व मंत्री की करीबी बताई जा रही हैं।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके करीबी गुड्डा देवी के आवास पर छापे की चर्चा हर किसी की जुबां पर रही। कॉलोनी के लोग अपने मकानों से पूर्व मंत्री के आवास पर निगाह रख रहे थे। अफरातफरी का माहौल दिखा। अमेठी के हर गली-चौराहे व गांव-गिरांव में लोग सिर्फ इसी पर चर्चा करते दिखे। जबकि उनके आवास विकास स्थित घर पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। छापे की सूचना मिलने के बाद कार्यकर्ता आवास-विकास कॉलोनी पहुंचे। कई कार्यकर्ता आवास के सामने बने कार्यालय में डटे रहे।
पहले निजी डॉक्टर ने किया परीक्षण
- पूर्व मंत्री के आवास पर जब ईडी कार्रवाई कर रही थी, तभी करीब 12:30 बजे और मंत्री की पत्नी सपा विधायक महराजी प्रजापति की तबीयत खराब हुई। ईडी के अफसर की अनुमति के बाद उनके बेटे अनुराग प्रजापति ने निजी डॉक्टर मोहम्मद आजाद को बलाया। करीब 12:45 पर निजी डॉक्टर मोहम्मद आजाद मौके पर पहुंचे और 12.48 बजे जब वह निकले तो बताया कि ब्लड प्रेशर लो होने से सुस्ती व घबराहट की बात बताई। इसके बाद उनके बेटे की तबीयत बिगड़ी। सीएचसी से अधीक्षक डॉक्टर आलोक तिवारी को बुलाया गया। करीब 1.10 मिनट पर स्वास्थ्य टीम आवास पर पहुंची। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद करीब चार बजे सीएससी अधीक्षक डॉ. आलोक तिवारी, फार्मासिस्ट जेके सिंह व स्टाफ नर्स के साथ मौके पर पहुंचे और विधायक की स्थिति गंभीर उन्हें सीएचसी लेकर जाने को कहा। ईडी के अफसर व फोर्स विधायक उनके बेटे और बहू के साथ उन्हें लेकर सीएचसी पहुंची, जहां उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया। बाद में सीएचसी से जिला अस्पताल लाया गया। यहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया।
टीम ने बोलने से किया इनकार
ईडी की टीम ने दोनों स्थानों पर कुछ भी बोलने से इन्कार किया है। टीम को जांच में क्या मिला और कितना कैश बरामद हुआ तथा संपत्ति सबसे संबंधित क्या-क्या कार्य मिले इस पर ईडी के अधिकारियों ने कुछ बोलने से मना किया कहा कि सब पता चल जाएगा।