राजा फत्तेपुर (अमेठी)। सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र की पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में संचालित जन-सेवा केंद्रों पर ग्रामीणों को ई-डिस्ट्रिक्ट की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पंचायत भवनों पर पंचायत सहायकों की तैनाती को डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीतने बावजूद सुविधा का संचालन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों को पास की बाजार व ब्लॉक मुख्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।ग्रामीणों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं व ऑनलाइन जारी होने वाले कई प्रकार के प्रमाण पत्र व आवेदन की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत के पंचायत भवनों में ई-डिस्ट्रिक्ट सुविधा मुहैया कराने की कवायद चलाई गई। पंचायत भवन में ग्राम सचिवालय का संचालन कराने के लिए पंचायत सहायकों की तैनाती करते हुए कंप्यूटर सिस्टम आदि मुहैया कराया गया। इसके बाद तकरीबन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों का बीएलई के रूप में रजिस्ट्रेशन भी करा दिया गया।
यहां से ग्रामीणों को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं खतौनी आदि जारी होनी है। इसके लिए ग्रामीणों को ब्लॉक से लेकर तहसील तक का चक्कर काटना पड़ता था। बावजूद इसके ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत इन्हौना, राजापुर, सराय माधौ में ही ग्रामीणों को ई-ड्रिस्ट्रक्टि की सुविधाएं मिल रही हैं। उधर, जुगराजपुर, रस्तामऊ, दांदूपुर व फूला समेत कई ग्राम पंचायतों के लोगों को यह सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
सभी ग्राम पंचायतों को मिले 1.75 लाख
शासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करने, साज-सज्जा, फर्नीचर, कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों को 1.75 लाख रुपये की राशि ग्राम पंचायत निधि से ग्राम पंचायतों को दिया गया है। तकरीबन पंचायतों द्वारा यह राशि आहरित भी की जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक सुविधा मिलना शुरू नहीं हो सकी है। जबकि डेढ़ साल पहले पंचायत सहायकों की नियुक्ति हो चुकी है। सभी को तभी मानदेय के रूप में छह हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता है।
जल्द मिलेगी सुविधा
जिन ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायकों को ई-ड्रिस्ट्रक्टि की आईडी और पासवर्ड मिल गया है वहां सुविधाएं प्रारंभ करा दी गई हंै। जिन्हें अब तक आईडी पासवर्ड नहीं मिला है वहां सुविधाएं प्रारंभ नहीं हो सकी हैं। जल्द ही शेष पंचायतों में भी यह सुविधा प्रारंभ करा दी जाएगी।
मनोज कुमार चौधरी, एडीओ पंचायत