अमेठी सिटी। जिले में शुक्रवार रात हवा के साथ बूंदाबांदी हुई, जिसके चलते आम के साथ फूलवाली अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बूंदाबांदी और हवा से आम व गिरी रबी की फसल में नुकसान की आशंका जताई है। जिले के कमरौली, बाजार शुकुल, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना, भादर आदि क्षेत्रोे में बूंदाबांदी हुई।
मौसम ने शुक्रवार देर रात अचानक करवट ली और हवा चलने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। रात में ही कुछ लोगों को बूंदाबांदी व हवा चलने की जानकारी हुई तो वह बाहर पड़ा सामान समेटने में जुट गए। बूंदाबांदी के साथ चली तेज हवा से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। जिन फसलों में फूल लगे हैं, उनको नुकसान पहुंचा है, जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा। कमरौली में हवा के कारण आम के बौर गिर गए। किसानों के अनुसार आम की फसल को नुकसान पहुंचेगा। वहीं गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्र ने आगामी 24 घंटे में हल्के बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने की संभावना व्यक्त की है। जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा 2.2 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली।
बूंदाबांदी से फसलों में रोग लगने की आशंका : जगदीशपुर (अमेठी)। शुक्रवार की रात हुई बूंदाबांदी के चलते मौसम ने करवट बदली है।
पिछले एक सप्ताह से मौसम में बढ़ी गर्मी ने लोगों में दिन में गर्मी का अहसास करा दिया है। शनिवार दिन में तेज धूप रही। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. नवनीत कुमार मिश्र ने बदलते मौसम में अपनी फसलों की निगरानी बनाए रखने की सलाह दी है।
बताया कि किसी भी प्रकार के रोगों एवं कीट का प्रकोप होने पर तुरंत कृषि विज्ञान केंद्र से अथवा अपने नजदीकी कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर उसका निदान कर करें।
बताया कि बूंदाबांदी से फसलों में कीट तथा पाउडरी मिलड्यू रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। सरसों, धनिया तथा मसूर आदि की फसलों में माहूं 80 फीसदी डब्लूपी की तीन ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर फसल को मौसमी कीट पतंगों से बचा सकते हैं। (संवाद)