गौरीगंज (अमेठी)। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल व जल संरक्षण की व्यवस्था बनाई जाएगी।
कवायद सफल हो सके इसके लिए डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल व स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की। योजना के प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने ग्राम पंचायतों में भूमि चयन व अन्य कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश जिम्मेदारों को दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति को समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण पेयजल योजना संचालित की जा रही है।
योजना के तहत पहले चरण में जिले के 240 राजस्व ग्रामों में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत नलकूप, उच्च जलाशय, स्टाफ क्वार्टर, पंप हाउस, बाउंड्री वॉल एवं अन्य निर्माण कार्य किए जाने हैं।
योजना सफल हो सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर योजना की समीक्षा करते हुए रूपरेखा तैयार की।
समीक्षा के दौरान अब तक 180 ग्रामों में भूमि चिह्नित होने तथा नामित कार्यदायी संस्था मेसर्स वेलस्पन प्राइवेट लिमिटेड मुंबई 131 ग्रामों में फर्म द्वारा सर्वे का कार्य पूरा करने मामला प्रकाश में आया।
डीएम ने अवशेष ग्रामों में जल्द ही भूमि चिह्नित करते हुए कार्य पूरा कराने को कहा। डीएम ने बताया कि शुद्ध पेयजल लोगों को मुहैया कराने को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की श्रेणी में शामिल किया गया है।
इसलिए इसमें लापरवाही न करें। डीएम मनरेगा योजना से तालाबों की खोदाई व साैंदर्यीकरण करने का निर्देश देते हुए जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक कर जल संरक्षण में सहयोग करने को कहा।
डीएम ने पेयजल परियोजना के कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बैठक में सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर, सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे, डीडीओ प्रदीप कुमार पांडे, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, बीएससी विनोद कुमार मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय, एक्सईएन जलनिगम व एक्सईएन लघु सिंचाई समेत सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।