अमेठी। जिले में अभी तक नाक, कान व गला रोग के विशेषज्ञ की तैनाती नहीं थी। ऐसे में यहां के मरीजों को इलाज के लिए रायबरेली व सुल्तानपुर का चक्कर काटना पड़ता था। इससे मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। ऐसे मरीजों को अब बड़ी राहत मिली है। जिला अस्पताल में नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। इसके साथ ही मंगलवार को कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल का भ्रमण पहुंच रही है।
जिला बनने के बाद से अभी तक जिले में नाक, कान व गला रोग के मरीजों को इलाज के लिए रायबरेली, सुल्तानपुर या लखनऊ जाना पड़ता था। इससे उन्हें काफी समस्या आती थी। कई बार यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठा। दो माह पहले दौरे पर आए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के समक्ष भी यह मामला उठाया गया था। इस पर उन्होंने चिकित्सकों की तैनाती की बात कही थी।
अब जिला संयुक्त अस्पताल में नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. संदीप कुमार की तैनाती की गई है। इससे मरीजों का काफी सहूलियत मिलेगी। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
तैयारी में जुटे अफसर
मंगलवार को कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल का निरीक्षण करके सुविधाओं के बाबत जानकारी हासिल करेगी। मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के आधार पर नंबर दिए जाएंगे, इसके आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। इसको लेकर सीएमएस ने चिकित्सकों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है। वार्डों के प्रभारियों को इसके लिए जिम्मेदारी दी गई है।
मिलेगी एक्सरे की सुविधा
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि सिंहपुर, फुरसतगंज, संग्रामपुर, भेटुआ सहित चार सीएचसी पर अभी तक एक्सरे जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां पर एक्सरे मशीन लगवाने की तैयारी की जा रही है ताकि मरीजों को समस्या न हो। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
इन विशेषज्ञों की कमी
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की बेहद कमी है। ऐसे में यहां पर हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन, न्यूरो फिजीशियन, गुर्दा रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाय तो मरीजों की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। ऐसे में समस्या आती है।