अमेठी सिटी। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान व प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले कोलकाता महिला ट्रेनी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले का चल रहा विरोध समाप्त हो गया है।
हालांकि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर जिला अस्पताल, 200 शैया रेफरल अस्पताल सहित 13 सीएचसी व 30 पीएचसी पर सिर्फ एक दिन विरोध हुआ था। डॉक्टर व फार्मासिस्टों ने हाथ पर काली पट्टी बांध कर घटना को लेकर विरोध जताया था। साथ ही मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में भी महज 24 घंटे ओपीडी सेवा बंद रही थी।
इस विरोध के बाद भी जिले में डाॅक्टर मरीजों का उपचार करते रहे थे। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डाॅ. प्रदीप कुमार तिवारी ने बताया कि संगठन ने सिर्फ काली पट्टी बांध कर विरोध किया था। मरीजों का उपचार किया जा रहा था। कहा कि जिले में कोई हड़ताल नहीं थी, जो समाप्त होती। सिर्फ सांकेतिक विरोध किया गया था। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर एसोसिएशन का कोई पदाधिकारी जिले में नहीं होने से कोई भी निजी डॉक्टर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।