अमेठी सिटी। फाइलेरियारोधी दवा स्वास्थ्य टीम के सामने ही खानी है। यह ध्यान रखना है कि दवा किसी को भी खाली पेट न खिलाई जाए। ये बातें सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कही। सीएमओ डॉ अंशुमान ने बृहस्पतिवार को बैठक के बाद बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलने वाला सर्वजन दवा सेवन अभियान की प्रगति अच्छी है। अभियान के लिए 3566 स्वास्थ्यकर्मी, 1783 टीम और 304 पर्यवेक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित शरीर में कुछ प्रभाव देखने को मिलते हैं। जैसे सिरदर्द, मतली व चक्कर जैसी दिक्कत फाइलेरिया रोकथाम दवाएं खाने के बाद के सकारात्मक संकेत हैं। यह संकेत बताते हैं कि दवा असरदार है और माइक्रो फाइलेरिया को नष्ट कर रही है। दवा के प्रभावों से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
दिव्यांग बना सकती है फाइलेरिया: शेषधर
जिला मलेरिया अधिकारी शेषधर द्विवेदी ने बताया कि करीब 15 वर्ष बाद पता चलने वाली फाइलेरिया बीमारी व्यक्ति के साथ परिवार को भी दुर्बल बनाती है। दुनिया में दिव्यांगता पैदा करने में फाइलेरिया बीमारी दूसरे नंबर पर है। ऐसे में सभी लोग समय पर दवा का सेवन कर लें।