गौरीगंज (अमेठी)। जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेंस समिति की बैठक सोमवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। कोरोना के चलते दो माह बाद आयोजित बैठक में सख्त तेवर दिखाते हुए डीएम ने अफसरों को कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। इसमें लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई करने की बात डीएम ने कही।
पोषण समिति की बैठक में डीएम अरुण कुमार ने ने डीपीओ सरोजनी देवी से तथ्यात्मक जानकारी मांगी। डीपीओ ने बताया कि बच्चों के वजन कार्यक्रम में कुल 1,94,349 बच्चों में से जुलाई माह में 1,37,824 बच्चों का वजन किया गया। शेष बच्चों का वजन मशीन ना होने के कारण नहीं हो पाया। इस
पर डीएम ने जिन केंद्रों पर वजन मशीन नहीं है उनकी सूची तैयार कर अगली बैठक से पहले मशीन क्रय करने का निर्देश दिया। डीपीओ ने बताया कि पोषाहार वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत छह माह से तीन वर्ष के 99,157 बच्चों को, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 51,802 तथा 37,320 गर्भवती/धात्री महिलाओं को पोषाहार वितरण किया गया है। साथ ही 1,775 महिलाओं की गोदभराई व अन्नप्राशन का कार्यक्रम कराया गया।
समीक्षा में पाया गया कि ब्लॉक स्तरीय पोषण समिति की बैठक गौरीगंज, भेटुआ, सिंहपुर ब्लाक में पिछले माह नहीं हुई थी। इस पर डीएम ने डीपीओ को तीन दिन के अंदर बैठक कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कन्वर्जेंस विभागों द्वारा किये गए कार्यो की समीक्षा की गई। जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा कुपोषण मुक्त बनाये जाने के उद्देश्य से कुपोषित ग्राम पंचायतों को पोषित बनाने के क्रम में डीएम ने सभी को निर्देश दिए।
डीएम ने सभी सीडीपीओ को कहा कि जो बच्चे रेड श्रेणी में है उनकी नियमित जानकारी रखें साथ ही उन्हें समुचित मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराकर ग्रीन श्रेणी में लाने का प्रयास करें। बैठक में सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर, सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा के अलावा सभी सीडीपीओ मौजूद रहे।