गौरीगंज (अमेठी)। जिले को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने की कोशिश में जुटे डीएम ने गुरुवार सुबह रायबरेली से सटी जिले की सील सीमा का औचक निरीक्षण किया। जाते समय बाबूगंज बजार के पास 13 लोगों को आते देख डीएम ने सभी को रोक लिया। एसडीएम व थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए डीएम ने अपने सामने सभी का मेडिकल कराते हुए उन्हें क्वारंटीन करवाया। डीएम ने अफसरों को जिले की सीमा में प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्देश देेते हुए लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी।
अमेठी के पड़ोसी जिले रायबरेली व सुल्तानपुर में कोरोना संक्रमित की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे से सतर्क जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। दो दिन पूर्व जिले की सीमा को सील करने का निर्देश देने के बाद गुरुवार सुबह डीएम अरुण कुमार ने रायबरेली की सीमा पर स्थित फुरसतगंज बार्डर का औचक निरीक्षण किया।
गौरीगंज स्थित अपने आवास से निकले डीएम जायस होते हुए फुरसतगंज गए। निरीक्षण के दौरान गौरीगंज थाने के बाबूगंज स्थित स्टील फैक्ट्री के पास मुख्य मार्ग से 13 लोगों को एक साथ पैदल आता देख डीएम का पारा चढ़ गया। नाराज डीएम ने एसडीएम राकेश कुमार व प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा को फटकार लगाते हुए पैदल आ रहे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए सभी को क्वारंटीन कराने को कहा।
डीएम ने बार्डर सील होने के बाद लोगों के आवागमन को लापरवाही करार देते हुए अफसरों व कर्मचारियों को बार्डर से सिर्फ आवश्यक सेवाओं के वाहनों को प्रवेश देने का निर्देश देते हुए जिले की सीमा में लोगों का प्रवेश मिलने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम ने बताया कि जिला अभी तक कोरोना मुक्त है। संक्रमण रोकने के लिए बार्डर सील किया गया है। निर्देशों की अवहेलना होने तथा जिले की सीमा में लोगों का प्रवेश होने पर संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। इसके लिए सभी को सक्रिय रूप से निगरानी करनी होगी।