जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा भीड़ पर्चा काउंटर पर, तीन बजे तक चली ओपीडी
बुखार के 517 व पेटदर्द के 107 से अधिक मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। चिलचिलाती गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी 1260 तक पहुंच गई। इनमें बुखार, पेटदर्द, लूज मोशन व डिहाईड्रेसन समेत त्वचा व हड्डी दर्द से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक रहीं। आलम यह रहा कि मरीजों को पंजीकरण, उपचार, जांच व दवा प्राप्त करने में घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा।
सोमवार की सुबह से ही संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी लाइन लग गई। सबसे ज्यादा भीड़ पर्चा काउंटर पर लगी रही। आलम यह रहा कि दोपहर दो बजे बंद होने वाली ओपीडी ढाई बजे तक चलती रही। मरीजों की भीड़ को देखते हुए चिकित्सालय प्रशासन ने अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। गर्मी के साथ बीमारी का कहर बढ़ रहा है। खानपान में अनियमितता भी लोगों के लिए आफत बन रही है। जिला अस्पताल में इमरजेंसी व ओपीडी में उल्टी दस्त व पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को ओपीडी में 1260 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 517 बुखार तो 119 खांसी, 85 जुकाम के मरीज रहे। इसके अतिरिक्त पेटदर्द के 107, लूज मोशन के 65 तथा डिहाईड्रेसन के 19 मरीज के साथ त्वचा रोग, हड़्डी व आंख दर्द समेत अन्य बीमारी से ग्रसित रहे।
फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि इस समय मौसम जनित बीमारी उल्टी, दस्त, बुखार व पानी की कमी से पीड़ित मरीज अधिक आ रहे हैं। गर्मी से ग्रसित मरीजों को ओआरएस पैकेट के साथ दवा देते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। भीड़ के कारण ओपीडी तीन बजे तक संचालित हुई जिससे अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों को उपचार मिल सका।
गर्मी में बीमारी से बचाव के लिए यह करें उपाय
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बाहर का खाना खाने से बचें।
गरिष्ठ भोजन न करें।
तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें।
धूप में बाहर निकलते समय टोपी, आदि से सिर कवर कर निकलें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
जी मिचलाना
उल्टी दस्त होना
चक्कर आना
चिड़चिड़ापन महसूस होना
सिर दर्द
पेट में मरोड़ उठना
मुंह सूखना।
बचाव के लिए क्या करें
एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि लू से बचाव के लिए दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। अपरिहार्य कारण से अगर बाहर निकलना पड़ रहा है तो हल्के वस्त्र तथा सिर ढक कर बाहर निकलें। पानी की बोतल भी साथ में रखें। छोटे बच्चों को लेकर गंभीर रहें। गर्भवती को धूप में न निकलने दें।
दवा के साथ उपचार के समुचित है प्रबंध
सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक का अभी कई मरीज नहीं आया है। हालांकि, इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जिला अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही ओआरएस व मरीज भर्ती करने की सुविधा बढ़ा दी गई है। हर बिंदु पर एसीएमओ स्तर के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं।