भादर के खाकी बाबा आश्रम में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
भादर। श्री खाकी बाबा आश्रम में श्री दूल्हाराय परिवार के तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक आचार्य सूरज द्विवेदी ने कहा कि सार्थक जीवन के लिए भक्ति और सत्संग आवश्यक हैं। मनुष्य जैसा देखता और सुनता है, वैसा ही उसका आचरण बनता है। इसलिए नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण व्यक्ति को सही दिशा देता है। ईश्वर में विश्वास रखने वाला व्यक्ति जीवन की कठिनाइयों का सामना सहजता से कर सकता है। सत्संग से विवेक जागृत होता है और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का आध्यात्मिक अर्थ बताया।
उन्होंने कहा कि माखन दूध का सार तत्व है। प्रभु ने इस लीला के माध्यम से संदेश दिया कि मनुष्य को भी जीवन में सार तत्व ग्रहण करना चाहिए। इस अवसर पर विजय सिंह फौजी, अनिल सिंह, रणजीत सिंह, ओम प्रकाश, पवन कुमार सिंह, उदयभान सिंह कल्लू, राजेश सिंह, मुन्ना आदि मौजूद रहे।