अमेठी। आगामी वित्तीय वर्ष में 559.68 करोड़ रुपये से जिले में विकास कार्य कराए जाएंगे। शनिवार को प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना की बैठक में सभी विभागों के परिव्यय को मंजूरी दी गई। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने कई अफसरों को सुधरने की नसीहत भी दी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक करीब डेढ़ बजे शुरू हुई। करीब तीन घंटे चली मैराथन बैठक के प्रारंभ में प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 व 2022-23 में शासन से स्वीकृत बजट की विभागों द्वारा किए गए व्यय की विभागवार समीक्षा की। मंत्री ने पाया कि 2020-21 में जिला योजना से जिले का कुल बजट पांच अरब 56 करोड़ 35 लाख 20 हजार रुपये था। हालांकि विभाग सिर्फ दो अरब 61 करोड़ 27 लाख 16 हजार रुपये ही खर्च कर सके। इसी तरह 2021-22 में 554.80 करोड़ के स्थान पर 342.16 करोड़ ही खर्च हो सके।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए शासन द्वारा 559.68 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें रोजगार कार्यक्रम के लिए 162.31 करोड़ रुपये, निजी लघु सिंचाई के लिए 304.3 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग के लिए 10.64 करोड़, वन विभाग को 15.60 करोड़, सड़क एवं पुल के लिए 103.86 करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए 17.73 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के लिए 3.22 करोड़, परिवार कल्याण के लिए 31.84 करोड़ व ग्रामीण आवास के लिए 48.60 करोड़ रुपये की व्यवस्था का गई है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों से भी प्रस्ताव लिए जाएं।
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने वसूली की जानकारी ली। आबकारी अधिकारी को सरकारी दुकान पर अवैध शराब की बिक्री रोकने न बिकने पाए तथा सभी दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा कराने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता विद्युत को अनावश्यक विद्युत भार बढ़ाने व बिल ज्यादा आने तथा विजिलेंस की टीम द्वारा गांव में जाकर फर्जी तरीके से जनता को परेशान करने की शिकायतों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। दैवीय आपदा के दौरान तत्काल पीड़ित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश भी मंत्री ने दिया। साथ ही प्रभारी मंत्री ने नहरों की सिल्ट सफाई, टेल तक पानी पहुंचने की स्थिति व लोक निर्माण विभाग समेत सभी योजनाओं की समीक्षा की।
प्रभारी मंत्री ने हत्या के मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी, लूट के मामलों में गिरफ्तारी, महिला उत्पीड़न, बलात्कार, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, गुंडा एक्ट, अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न, लंबित विवेचना, गैंगस्टर, रासुका सहित अन्य बिंदुओं की भी समीक्षा की व एसपी डॉ. इलामारन जी. को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मौजूद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का पालन होगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जगदीशपुर विधायक सुरेश पासी, पूर्व विधायक तेजभान सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा दुर्गेश त्रिपाठी, भवानी दत्त दीक्षित व सीडीओ सान्या छाबड़ा मौजूद रहीं। बैठक के बाद मंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। देर शाम मंत्री ने जमालपुर रामपुर गांव में चौपाल भी लगाई।