गौरीगंज (अमेठी)। जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित जिला योजना की बैठक में पांच अरब 59 करोड़ रुपये की कार्य योजना को मंजूरी दी गई।
प्रभारी मंत्री ने विभागवार परिव्यय की जानकारी लेने के साथ ही अफसरों को गुणवत्ता और मानक के अनुरूप विकास कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए सोमवार को जिला योजना समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में डीएम अरुण कुमार ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों से जिले में कराए जा रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभागवार परिव्यय की जानकारी ली।
इस दौरान जिला योजना समिति की ओर से तैयार पांच अरब 59 करोड़ 68 लाख रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति देते हुए बजट आवंटन के लिए शासन को भेजने का निर्णय लिया।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद अपने-अपने विभाग से उक्त धनराशि को शीघ्रता से अवमुक्त कराने का निर्देश दिया। उन्होंने विकास कार्यों के निर्माण में निर्धारित मानक के अनुरूप गुणवत्तापरक कार्य कराने की हिदायत दी।
बैठक में विधायक तिलोई मंयकेश्वर शरण सिंह, विधायक अमेठी गरिमा सिंह, विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह, एमएलसी दीपक सिंह, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल के साथ समिति में नामित जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख आदि के साथ एसपी दिनेश सिंह, सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर , एडीएम सुशील प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे, डीपीआरओ श्रेया मिश्र, पीडी आशुतोष दुबे समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
इन विभागों को मिली धनराशि
जिला योजना की बैठक में स्वीकृत कार्ययोजना में कृषि विभाग को 34 लाख रुपये, पशुपालन विभाग को 318.43 लाख रुपये, दुग्ध विकास को 167.54 लाख रुपये, वन विभाग को 16.36 लाख रुपये, सहकारिता को 1.60 करोड़ रुपये, ग्राम्य विकास विभाग को 3.60 करोड़ रुपये, रोजगार कार्यक्रम के लिए 7065.61 लाख रुपये, पंचायतीराज विभाग को 1.30 करोड़ रुपये बजट निर्धारित किया है।
सामुदायिक (ग्राम्य) विकास के लिए 1847.88 लाख रुपये, निजी लघु सिंचाई के लिए 3043.50 लाख रुपये, राजकीय लघु सिंचाई के लिए 443.08 लाख रुपये, अतिरिक्त ऊर्जा श्र्रोत्र के लिए 31.95 लाख रुपये, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के लिए 14 लाख रुपये, सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 10386.86 लाख रुपये, पर्यावरण के लिए 11 लाख रुपये, पर्यटन के लिए 90 लाख रुपये, प्राथमिक शिक्षा के लिए 1773.37 लाख रुपये, माध्यमिक शिक्षा के लिए 322.75 लाख रुपये, प्राविधिक शिक्षा के लिए 259.96 लाख रुपये, प्रादेशिक विकास दल के लिए 129.23 लाख रुपये, खेल के लिए एक करोड़ रुपये, एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 11 करोड़ रुपये, अस्पताल एवं औषधालय के लिए 3.60 करोड़ रुपये, परिवार कल्याण के लिए 2474.83 लाख रुपये, होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए 3.37 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
वहीं आयुर्वेद चिकित्सा के लिए तीन करोड़ रुपये, यूनानी चिकित्सा 45.88 लाख रुपये, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 747.96 लाख रुपये, पूल्ड आवास के लिए 7.40 करोड़ रुपये, ग्रामीण आवास के लिए 81 करोड़ रुपये, नगर विकास 359.31 लाख रुपये, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 7.50 करोड़ रुपये, पिछड़ी जाति कल्याण के लिए 3.39 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 93.11 लाख रुपये, समाज कल्याण सामान्य वर्ग छह करोड़ रुपये, शिल्पकार प्रशिक्षण के लिए 2.75 लाख रुपये, समाज कल्याण के लिए 7.50 करोड़ रुपये, दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए 2.40 करोड़ रुपये व महिला कल्याण के लिए 3.18 करोड़ रुपये के बजट का निर्धारण किया गया है।
इन विभागों को नहीं मिला धन
जिला योजना की बैठक में पांच अरब 59 करोड़ 68 लाख की कार्ययोजना को स्वीकृति देने के बावजूद गन्ना, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, भूमि सुधार, रेशम उद्योग, जनजाति कल्याण, सेवा योजन व पुष्टाहार विभाग को धनराशि आवंटित नहीं की गई है।