अमेठी। साल के अंतिम दिन सुबह भीषण कोहरे ने ट्रेन व वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। ट्रैक पर संचालित सभी ट्रेनें विलंब से चलीं तो सड़क पर सुबह परिवहन निगम की बस नहीं दिखने से सुल्तानपुर जाने वालों को परेशानी हुई। कोहरा के साथ चल रही बर्फीली हवा लोगों को कंपकंपा रही है।
शनिवार सुबह जब लोगों ने आंखें खोलीं तो कोहरा के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था। कोहरे के बीच चल रही पछुआ लोगों को भीषण ठंड का अहसास करा रही थी। सुबह का समय बीतने के साथ ही कोहरा व ठंड और बढ़ गए। गलन ने जनजीवन को बेहाल कर दिया। घने कोहरे के कारण चालकों को वाहन की हेडलाइट समेत सभी लाइटें जलाकर चलना पड़ा।
घने कोहरे से चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। शाम ढलते ही बाजारों में जहां-तहां लोग अलाव के पास ठहर गए और घरों में चले गए। रात आठ से नौ बजे तक गुलजार रहने वाले बाजारों में सन्नाटा पसर गया। कोहरे का असर यह रहा कि सुबह दस बजे के बाद निकली धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी।
कोहरे के कारण शनिवार को गरीब रथ एक्सप्रेस पांच घंटे तो पद्मावत एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे विलंब से संचालित हुई। इसी तरह भोपाल प्रतापगढ़ व काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस दो-दो घंटे तो पंजाब मेल ढाई घंटे विलंब से अमेठी पहुंची।
मालदा टाउन दो घंटा 40 मिनट, इंटरसिटी, नीलांचल व अप पंजाब मेल 30-30 मिनट तो लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर व अर्चना एक्सप्रेस भी ढाई घंटे विलंब से पहुंची। कोहरे के कारण सुबह परिवहन निगम की बसों का भी संचालन नहीं हुआ। ऐसे में सुल्तानपुर व रायबरेली जाने के लिए गौरीगंज अस्थाई बस स्टॉप पर यात्रियों को घंटों वाहन का इंतजार करना पड़ा।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि कड़ाके की ठंड व कोहरे का फायदा गेहूं तथा जौ की फसल को मिलेगा। सरसों व आलू के साथ दलहनी फसल को नुकसान होगा। ऐसे में किसानों को चाहिए कि नुकसान से बचने के लिए खेतों की सिंचाई करें तथा नमी बनाए रखें।
चिकित्सक डॉ. राजीव सौरभ ने भी लगातार बढ़ते ठंड के प्रकोप को देखते हुए बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। कहा कि ठंड के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही बीमार कर सकती है। ठंड से बचने के लिए बच्चों को गर्म कपड़ों में रखने के साथ ही एकदम से ठंड में बाहर न निकलने दिया जाए। बुजुर्गों के साथ ही हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को लेकर इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें।