अमेठी सिटी। बोधगया में चल रहे महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को जिले के बौद्ध संगठनों ने जिला मुख्यालय पर पैदल मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीटीएमसी एक्ट को रद्द करने तथा विश्व धरोहर महाबोधि विहार को बौद्धों को समर्पित करने की मांग उठाई। पदाधिकारियों ने तहसील परिसर पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सूरज प्रताप को सौंपा।
आंबेडकर कल्याण समिति, भारतीय बौद्ध महासभा, सिरमौर बौद्ध विहार सेवा संस्थान और एससी-एसटी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय स्थित रणंजय इंटर काॅलेज मैदान के पास से पैदल मार्च शुरू किया। इस दौरान बौद्धों ने बीटीएमसी एक्ट रद्द करो, महाबोधि विहार बौद्धों को समर्पित करो के नारे लगाए।
बौद्ध धम्म और महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन संबंधी नारे लिखकर अपनी मांग उठाई। सिरमौर बौद्ध विहार सोइया के अध्यक्ष भंते धम्मदीप ने आंदोलन में दुनियाभर के बौद्धों और आंबेडकरवादियों से शामिल होने की अपील की। कहा कि जब तक भारत सरकार महाबोधि विहार को बौद्धों को नहीं सौंपेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान आंबेडकर कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार बौद्ध, डॉ. आंबेडकर सेवा ट्रस्ट के राम हौसला सोनकर, भारतीय बौद्ध महासभा के केपी सविता, भंते प्रज्ञा मित्र, राम फल फौजी, नागेश्वर बौद्ध, बामसेफ जिला संयोजक संजीव भारती, बौद्धाचार्य हौंसिला प्रसाद, राम अभिलाष बौद्ध, आरएस चक्रवर्ती, शिवहर्ष बौद्ध, हरिनाम बौद्ध, आशा बौद्ध, कलावती बौद्ध, ललित कुमार, विजय भारती, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।