मुसाफिरखाना तहसील में कतार में खड़े फरियादी। -संवाद
मुसाफिरखाना। साहब...लगातार पांच वर्षों तक प्रयास के बाद भी खेत का सीमांकन नहीं हो सका। अपर जिलाधिकारी के न्यायालय ने वर्ष 2020 में नक्शे के संशोधन का आदेश दिया था। इसके बावजूद चक के सीमांकन में देरी की जा रही है। ये शिकायत पूरे लाला शाहपुर निवासी शीतलादीन ने संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम संजय चौहान से की।
रामरायपुर निवासी रितेश ने बताया कि उनको पट्टे पर मिले तालाबों पर कब्जा हो गया है। उन्होंने तालाबों का सीमांकन कराने की मांग की। ये भी बताया कि वह चौथी बार शिकायत लेकर आए हैं। मरौचा तेतारपुर निवासी गुरुप्रसाद ने बताया कि उनकी जमीन के संबंध में उपजिलाधिकारी न्यायालय से हदबंदी के बाद पत्थर निस्तारण का आदेश हुआ है, लेकिन कानूनगो और लेखपाल मौके पर बिना पैमाइश किए ही लौट जाते हैं। वे केवल मौखिक रूप से कब्जा करने को कह देते हैं।
सत्थिन निवासी राजाराम दोनों नेत्रों से दिव्यांग हैं। उनके भाई शिव मोहन भी नेत्रहीन हैं। उन्होंने बताया कि उनके पड़ोसी शेष कुमार ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर दीवार बना ली है। इस संबंध में पहले चौकी पर समझौता हुआ था। इसके बावजूद उनकी सरसों की फसल नष्ट कर दी गई। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी और एसडीएम अभिनव कनौजिया सहित जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे।
चारों तहसीलों में आईं 60 शिकायतें
तहसील मुसाफिरखाना में 21 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से दो का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील अमेठी में 22 शिकायतें मिलीं, जिनमें से एक का निस्तारण हुआ। तहसील तिलोई में पांच शिकायतें प्राप्त हुईं। तहसील गौरीगंज में 12 शिकायतें दर्ज की गईं।