अमेठी। नुवांवा गांव के समदा ताल में अवैध खनन के विरोध में प्रदर्शन कर लौटते समय भारतीय किसान यूनियन के दो कार्यकर्ताओं पर सोमवार देर रात जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें मुंशीगंज अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद से धरनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
किसान यूनियन के गंगौली निवासी कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ कोतवाल और जितेंद्र तिवारी सोमवार रात धरना समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में कोरारी गिरधरशाह गांव के पास नहर पटरी पर बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि युवकों के भागने पर पहले फायरिंग की गई और गोली न लगने पर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही किसान यूनियन के कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को सीएचसी लाकर भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल और फिर मुंशीगंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने कहा कि धरनास्थल पर पहले से धमकी दी जा रही थी। सोमवार को आए खनन अधिकारी के साथ स्थानीय बदमाश और हिस्ट्रीशीटर भी मौजूद थे। जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन माफिया और अधिकारी मिलकर विरोध कर रहे ग्रामीणों को डराना चाहते हैं। यदि दो दिन के भीतर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। हमले के बाद से पुलिस सक्रिय हो गई है। मौके पर एक उपनिरीक्षक और सिपाहियों की तैनाती की गई है। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।