जगदीशपुर (अमेठी)। दो दिन से लापता बुजुर्ग का शव बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालात में गांव के पास पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजन जमीन की रंजिश के चलते हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि हत्या के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र के मखदूमपुर टांडा निवासी रामअंजोर (70) 31 दिसंबर को संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गए थे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। पता नहीं चलने पर बुधवार शाम थाने में किसी अनहोनी की चिंता जताते हुए सूचना दी। पुलिस ने बुजुर्ग की तलाश शुरू की। इस बीच बृहस्पतिवार सुबह गांव के समीप एक पेड़ पर रामअंजोर का शव संदिग्ध हालात में फंदे से लटका मिला।
जानकारी होने पर परिजन व पुलिस मौके पर पहुंची। उनके पुत्र रामसुरेश ने कुछ लोगों पर भूमि की रंजिश में हत्या करने की आंशका जताई है। हालांकि परिजन साफतौर पर कुछ बोलने से बच रहे हैं। ग्रामीण दबी जुबान रामअंजोर के मनोरोगी व आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद तहरीर देने की बात कही। एसओ तनुज पाल ने बताया कि प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर मिलती है तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
फंदे से लटके मिले रामअजोर की मौत के बाद बेटे रामअवतार, रामभवन, रामसुरेश गमगीन हैं तो बेटी सुमित्रा, सुंदरकला, और बहू निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल है। रामसुरेश का आरोप है कि 2016 में भी जमीन की रंजिश के चलते गांव में कुछ लोगों ने परिजनों की पिटाई की थी, जिसमें उनकी मां को चोटें आने के बाद छह माह तक इलाज के बाद उनकी मौत हो गई थी। उसी समय उनके पिता भी घायल हो गए थे, जिनका इलाज चल रहा था। वह घर पर रहते थे। जिस जगह आज शव मिला, उस जगह पर पहले तलाश चुके थे, उस समय वहां कोई नहीं था। आरोप है कि उनके गले में रस्सी से खाल उधड़ी थी। हत्या होने की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होग, जिसके बाद तहरीर दी जाएगी।