अमेठी। धान की रोपाई के सबसे अहम दौर में जिले की सहकारी समितियों पर डीएपी की किल्लत साफ नजर आई। बृहस्पतिवार को सुबह से ही किसान आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर आईडी लेकर समितियों पर पहुंचते रहे। ज्यादातर केंद्रों पर उन्हें एक ही जवाब मिला कि डीएपी उपलब्ध नहीं है।
कहीं केवल यूरिया का वितरण हुआ तो कहीं खाद का स्टॉक ही खत्म मिला। मजबूरी में कई किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ा, जहां अधिक कीमत चुकाकर खाद खरीदनी पड़ी। किसानों का कहना है कि रोपाई के समय डीएपी न मिलने से खेती-बाड़ी की लागत बढ़ रही है। जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि डीएपी की मांग शासन को भेजी गई है।
डीएपी नहीं, यूरिया लेकर लौटे किसान
राजाफत्तेपुर। बी-पैक्स फूला समिति पर किसानों को यूरिया तो मिली, लेकिन डीएपी नहीं। किसान रामकिशोर पांडेय और पवन ने बताया कि हर साल जरूरत के समय खाद की किल्लत हो जाती है। विजय शंकर सिंह ने कहा कि धान की रोपाई में सबसे पहले डीएपी की जरूरत पड़ती है, लेकिन समिति पर उपलब्ध नहीं है। सचिव रामनेवाज ने बताया कि फार्मर आईडी वाले किसानों को ही खाद का वितरण किया जा रहा है।