अमेठी सिटी। अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की विकासखंड स्तर से जुटाई गई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिले में 10,167 हेक्टेयर खेत की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों के सामने पैदावार घटने के साथ खेती की लागत निकालने की चिंता भी खड़ी हो गई है। बारिश का सबसे अधिक असर धान की फसल पर पड़ा है।
विभाग के प्रारंभिक आकलन में धान की 7,845 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है और इसमें 15 से 16 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। कई खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। तिल की फसल में क्षेत्रफल के अनुपात में अधिक क्षति का अनुमान है। 803 हेक्टेयर तिल की फसल प्रभावित हुई है, जिसमें 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान बताया गया है।
किसान कमला प्रसाद, जगदीश, विनोद कुमार पांडेय और अरविंद कुमार ने बताया कि बीज, खाद, जोताई और मजदूरी पर पहले ही खर्च हो चुका है। अतिवृष्टि से पैदावार घटने की आशंका है। किसानों ने प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर सत्यापन कराकर नुकसान के अनुसार सहायता दिलाने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि फसल की क्षति के आंकड़े विकासखंड स्तर के कार्मिकों से मिली प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की किए गए हैं। क्षेत्रवार स्थिति के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
फसल - प्रभावित रकबा - संभावित क्षति
धान - 7,845 हेक्टेयर - 15-16 प्रतिशत
तिल - 803 हेक्टेयर - 20-25 प्रतिशत
उड़द - 472 हेक्टेयर - 8-10 प्रतिशत
अरहर - 323 हेक्टेयर - 8-10 प्रतिशत
ज्वार - 341 हेक्टेयर - 9-10 प्रतिशत
बाजरा - 260 हेक्टेयर - 8-9 प्रतिशत
मूंग - 81 हेक्टेयर - 8-9 प्रतिशत
मक्का - 42 हेक्टेयर - 4-5 प्रतिशत
कुल प्रभावित क्षेत्र : 10,167 हेक्टेयर
(नोट आंकड़े जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त।)