मुसाफिरखाना (अमेठी)। स्थानीय तहसील के गाजनपुर तराई क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी गाढ़ी कमाई से तैयार फसल की बर्बादी का मंजर देखने को विवश हैं। किसानों ने प्रशासन से क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के गाजनपुर तथा छतारी गांव गोमती नदी के किनारे स्थित हैं। बीते सप्ताह हुई बरसात से गोमती नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। लगातार जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र की सैकड़ों बीघा खेती की भूमि पर जलभराव हो गया है। जलभराव होने से किसानों की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गयी हैं। ग्रामीण अखिलेश सिंह की मानें तो डूबी फसलों में उर्द, तिल्ली, धान तथा मवेशियों के चारे की फसल शामिल हैं।
कहा कि चारे की फसल नष्ट होने से जहां मवेशियों को चारे के लिए समस्या हो गयी है वहीं गाढ़ी कमाई से तैयार फसल नष्ट होने से किसानों की जमा पूजी समाप्त हो गई। अचानक बढ़े जलस्तर से अखिलेश सिंह, सुरेंद्र नाथ सिंह, मानवेंद्र नाथ सिंह, भारतेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, अरुणेश, राजकरन सिंह, राज नारायण सिंह, राज कुमार सिंह, सरोज सिंह, राघव राम शर्मा, उधम सिंह, राम सिंह, कमलाकांत सिंह, किशोरी चौहान, इंद्र कुमार शर्मा, रणधीर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से नष्ट फसलों की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है जिससे की उन्हें दो जून की रोली के लाले नहीं पड़े और व गेहूं फसल की बुआई कर सकें।