गौरीगंज (अमेठी)। गोवंश आश्रय केंद्र गड़ेरी में गोवंश के मरने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को एक गोवंश की मौत हो गई तो दो अन्य गोवंश बीमार पड़े हैं। पशु चिकित्सक व पंचायत सचिव आश्रय केंद्र की व्यवस्था सही करने में जुटे हैं। जिला स्तरीय व नोडल अफसर मौके पर तक नहीं पहुंचे।
गोवंश संरक्षण के लिए गडेरी ग्राम पंचायत में अस्थाई आश्रय केंद्र संचालित हो रहा है। संचालित आश्रय केंद्र पर 67 गोवंश संरक्षित हैं। आश्रय केंद्र पर संरक्षित गोवंश के देख-रेख में लापरवाही का आलम यह है कि गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। आश्रय केंद्र पर प्यास से गोवंश बीमार पड़ रहे हैं।
सोमवार को आश्रय केंद्र पर एक गोवंश की मौत के बाद विभाग हरकत में आया। सफाई कर्मियों की टीम लगा सफाई के साथ पानी व चारे का प्रबंध किया गया। सोमवार को एक गोवंश की मौत के बाद मंगलवार को भी एक गोवंश की मौत हो गई। आश्रय केंद्र पर दो दिन से लगातार हो रही मौत के बाद भी जिला स्तरीय अधिकारी व नोडल अफसर पहुंचने की जहमत नहीं उठा सके।
गोवंश की मौत के बाद एडीओ आईएसबी सुरेश कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुनिराज, पंचायत सचिव मुकेश कुमार व पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील कुमार मौके पर पहुंचे। आश्रय केंद्र की सफाई करते हुए संरक्षित गोवंश का चारा पानी अपने सामने दिलाते हुए बीमार दो गोवंशों का उपचार किया। सचिव ने बताया कि आश्रय केंद्र का पंपसेट खराब था, सोमवार को सही करा दिया गया। आश्रय केंद्र पर भूसे के साथ पशु आहार का स्टॉक है।
पशु चिकित्सक ने बताया कि गोवंश की आयु अधिक होने से वे बीमार हुए फिर मौत हुई। हालांकि ग्रामीण अब तक पांच गोवंशों की मौत होने की बात कह रहे हैं।