रायबरेली। अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में नौ वर्ष पूर्व हुए नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर कोर्ट ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने शुक्रवार को सुनाया।अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव व आलोक कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना मोहनगंज में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 28 मार्च 2014 को देर रात वादी की नाबालिग बेटी को गांव का ही सुनील बहला फुसलाकर कहीं भगा ले गया। पीड़िता के मिलने के बाद दुष्कर्म की बात भी सामने आई।
पुलिस ने विवेचना के बाद सुनील के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त को कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर संपूर्ण राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी निर्देश दिया है।
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पांच दिन पांच मामलों में सजा
पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने पिछले पांच कार्य दिवस में प्रत्येक दिन एक.-एक सजा सुनाई है। तीन अप्रैल को डलमऊ क्षेत्र के केस में मनोज कुमार लोधी को 10 वर्ष, चार अप्रैल को बछरावां थाना क्षेत्र के अपहरण के मामले में हैदर अली को सात वर्ष, पांच अप्रैल को सरेनी थाना क्षेत्र से जुड़े अपहरण के मामले में सुरेश को सात वर्ष, छह अप्रैल को खीरों थाना क्षेत्र से जुड़े दुष्कर्म की कोशिश के मामले में जयराम को 10 वर्ष व शुक्रवार को दुष्कर्म के मामले में सुनील को 10 वर्ष की सजा सुनाई है।