गौरीगंज (अमेठी)। जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी रहने के बावजूद स्वास्थ्य महकमा सुस्त पड़ा है। यह स्थिति तब है जब एक से 12 अप्रैल तक जहां 14 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है वहीं एक बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है।
कोरोना संक्रमण को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा संजीदा नहीं दिख रहा। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू होने के बाद से शासन की ओर से सैंपलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया जा रहा है। पिछले दिनों डीएम राकेश कुमार मिश्र ने भी कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर को सभी अस्पतालों में कोविड के लक्षण वाले मरीजों की अनिवार्य रूप से जांच कराने को कहा था।
कहा था कि सभी सीएचसी क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम 30 सैंपल जरूर लिए जाएं। इस हिसाब से जिले की 13 सीएचसी पर प्रतिदिन 390 सैंपल एकत्र होने (एक अप्रैल से 14 अप्रैल तक 14 दिन में 4,470 सैंपल) व जांच के लिए जिला अस्पताल में संचालित आरटीपीसीआर लैब भेजे जाने थे।
बावजूद इसके स्थिति यह है कि 14 दिन में महज 774 सैंपल ही जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब भेजे गए हैं। गौरतलब होगा कि आरटीपीसीआर लैब में प्रति दिन 200 सैंपलों की जांच की क्षमता है। बावजूद इसके यहां हर दूसरे दिन सैंपल भेजे जाते हैं वह भी 100 से कम। कभी कभार ही सैंपल 100 से पार हो पाते हैं। यह स्थिति तब है जब एक अप्रैल से लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, और गौरीगंज ब्लॉक क्षेत्र के बृजराज पंडित का पुरवा मजरे बासूपुर निवासी एक बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है। मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मी अपनी चाल से ही चल रहे हैं।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना व शासन प्रशासन के निर्देशों को लेकर कितना सक्रिय है। विभाग की लापरवाही से यह भी संभव है कि अब भी कई संक्रमित मरीज लोगों के बीच हों। माना जा रहा है कि संक्रमण बढ़ने की रफ्तार के बीच स्वास्थ्य विभाग लापरवाही से बाज नहीं आया तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।
बड़ी संख्या में लीक मिल रहे सैंपल
लापरवाही का आलम यह है कि जो सैंपल जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब भेजे जा रहे हैं उनमें हर बार बड़ी संख्या में सैंपल लीक मिल रहे हैं। ऐसे में सैंपलिंग के बाद भी उनकी जांच नहीं हो पा रही है। लीक सैंपलों को नष्ट करना पड़ा रहा है।
पर्याप्त है दवा की उपलब्धता
संक्रमित मरीज मिलने के बाद उनको दी जाने वाली दवाओं की जिले में पर्याप्त उपलब्धता है। सीएमएसडी स्टोर प्रभारी डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि एजेथ्रोमाइसिन की 81 हजार, विटामिन-सी की 3.62 लाख, आइबर मेक्टीन छह एमजी की 80 हजार तो 12 एमजी की 12 लाख डोज उपलब्ध है। पैरासीटामॉल की 5.16 लाख, जिंक की 24 लाख व मल्टी विटामिन की 12 लाख डोज मौजूद है। सभी अस्पतालों को उनकी मांग के अनुरूप मुहैया करा दी जाती है।
एल-2 हॉस्पिटल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त
जिला अस्पताल परिसर में संचालित एल-2 हॉस्पिटल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। 100 मरीजों के लिए वार्ड व बेड तक पाइप लाइन द्वारा ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था है। वेंटीलेटर वार्ड भी सक्रिय हालत में है। ऑक्सीजन सिलिंडर व ऑक्सीजन कंन्सट्रेटर भी सक्रिय हालत में हैं। दो ऑक्सीजन प्लांट भी चालू हालत में हैं। दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता है।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल-सीएमएस