गौरीगंज (अमेठी)। जामो के अलीपुर गांव में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद घोषित कंटेनमेंट गांव को संक्रमण मुक्त बनाने की कवायद युद्धस्तर पर चल रही है। गठित टीमें डोर-टू-डोर सर्वे कर संक्रमित के क्लोज कॉन्टैक्ट खंगालने के साथ निर्धारित प्रारूप पर सूचना संकलित कर रही हैं तो स्वास्थ्य टीमें लगातार थर्मल स्क्रीनिंग करने में जुटी हैं। अग्रिम निर्देशों तक प्रवेश व निकास प्रतिबंधित करते हुए लोगों को आवश्यक सामग्री की डोर-स्टेप डिलीवरी करवाई जा रही है।
लॉकडाउन फेज-4 में पांच मई से जिले में कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातर जारी है। गुरुवार देर शाम आई रिपोर्ट में गौरीगंज तहसील के अलीपुर गांव में मुंबई से आया एक प्रौढ़ कोरोना पॉजिटिव पाया गया। प्रौढ़ के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद डीएम अरुण कुमार ने उसे इलाज के लिए लेवल-1 अस्पताल भेजते हुए गांव को कंटेनमेेंट जोन घोषित किया है। कंटेनमेंट जोन घोषित करने के बाद डीएम ने गांव में दो-दो मजिस्ट्रेट के साथ दो-दो आशा बहु व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ पर्यवेक्षणीय अधिकारी की ड्यूटी लगाई है।
नामित टीम शुक्रवार को संक्रमित मरीजों के क्लोज कॉन्टैक्ट के साथ उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा किसी को भी बुखार, सर्दी, खासी तथा सांस फूलने आदि की समस्या के बारे में पूछने के साथ ही शासन की ओर निर्धारित बिंदुओं पर सभी ग्रामीणों की सूचना डोर-टू-डोर संकलित करने में जुटी है।
गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण तो फायर बिग्रेड के साथ सफाई कर्मी गांव को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए सैनिटाइजर का छिड़काव करने में पूरे दिन जुटे रहे। इतना ही नहीं गांव की सीमा को सील करते हुए आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
गांव की सीमा पर बने बैरियर पर पुलिस कर्मी अधिकृत लोगों को प्रवेश देने के साथ ही माइक से लोगों को अपने घरों में रहने की अपील करने में जुटे रहे। ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से हो रही है।