बाजारशुकुल (अमेठी)। स्थानीय विकास क्षेत्र के पाली गांव में छह साल पहले गोमती नदी पर शुरू हुए सेतु निर्माण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। शासन ने इस सेतु के निर्माण के लिए 30 महीने की समय सीमा तय की थी। धनाभाव में एक बार ठप हुआ कार्य, तो फिर शुरू नहीं हो सका। यह सेतु अमेठी और अयोध्या जिले को जोड़ता। इस सेतु के बनने से बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलती।
क्षेत्रीय विधायक व पूर्व राज्यमंत्री सुरेश पासी के प्रयास से शासन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में 2023.8 लाख रुपये की लागत से पाली गांव में गोमती नदी पर सेतु निर्माण की मंजूरी दी थी। 181.58 मीटर लंबे सेतु का निर्माण सात पिलर पर बनाने की योजना थी। शासन ने सेतु निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सेतु निगम को दी थी। सेतु निगम को इस परियोजना को पूरा करने के लिए 30 माह का समय दिया गया था।
शासन से स्वीकृति व धन मिलने के बाद सेतु निगम ने निर्माण कार्य शुरू कराया था। बाद में अचानक कार्यदायी संस्था ने कार्य बंद कर दिया। अयोध्या व अमेठी जिले को जोड़ने वाले इस सेतु से बड़ी संख्या में राहगीरों की डगर आसान होती। अमेठी जिले के पांच गांव गोमती नदी के दूसरे छोर पर हैं। वहां के किसानों की भूमि इस पार है। उन गांवों के किसानों को खेती-बाड़ी के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
सेतु के विलंब पर आश्चर्य जताते हुए सेतु निगम के सेवानिवृत्त बेलदार रामानुज ने बताया कि 2019 में सेतु निर्माण कार्य की ड्यूटी में आए थे। वर्ष 2022 में सेवानिवृत हो गए। अपने सेवाकाल में ऐसा सेतु बनते नहीं देखा। इस संबंध में सहायक अभियंता श्रीधर यादव ने बताया कि धनाभाव के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। शासन को पत्र भेजा गया है। धन उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।